Hey, I am on Matrubharti!

जिंदगी का बहुत
सीधा सा परिचय है ...
आँसू वास्तविक है
मुस्कान में अभिनय है ...

स्कूल की यादें,
ना किसी लड़की की चाहत,
ना पढ़ाई का जज़्बा था,
बस 4 गजब के दोस्त थे,
और last bench पे कब्ज़ा था।

हाँथ धोते हैं, ज़रा "दिल" भी "धोया" कीजिये...!!
"नफ़रतें" भी तो "बीमारी" की तरह "फ़ैलती" हैं...!!