Writer writes on.. हिन्दी, मराठी, गुजराती, English . Search me On ----- YourQuote, Storymirror.com, Facebook, Instagram, Pratilipi.,मायबोली...Suryaansh सुर्यांश

तुम्हारी शर्तो पे मैंने जीना सीखा है।
मेरा वजूद कहा पुकारता है मुझे?

सुनो! ये सोचने की इजाजत नहीं है तुम्हे
कितनी रतीयाँ बिना नींद गुजारी है मैंने।
जो कदर न जाने प्यार की
उस बेदर्द को क्या दिन है, क्या रात है!

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મને ના ફાવે તારી વાર્તા જે બીજાનાં દુખડો નચાવે છે.
પોતાના ભુલીને દુખડા
બીજામાટે જીવન બગાડે છે.
જીવનના આ સત્ય છે

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एक्का तुक्का जिंदगी चलती तो मान जाते। यहाँ पर मेंढ़ीकोट हिस्से आ गया तो क्या करे?

व्यवहार तो दुरुस्त इस कश्म कश में।
जिंदगी निकली गई
बातें सुलझने में।

कभी गहराई नापी नहीं जाती प्यार की।
कभी गिनी नहीं जाती घड़ीयाँ इंतजार की।

मैं तो चला जाऊँँगा तुम्हारी दुनिया से। फिर ताना देने की आदत का क्या करोगें।

I wish to be good human being. But
they dislikes the people who has simple walks of life.

वक्त का गुरुर इतना था कि उसने मुझे ऐतिहासिक दस्तावेजों में शामिल कर दिया।

हम तो सोते रहे रातभर कंबल ओढ़कर।
सुबह जब आँख खुली तो उसे पैरोंतले पाया।
पुछने पर बोली,"तुम्हे कहा पता था मेरे आने का?
मैं तो बस नज़र से नजर उतार रही थी।
तुम्हारी करवटों में घुमता हुवा चेहरा , जाने कब नींद में अधीन हुवा पता भी नहीं चला।

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