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Hey, I am reading on Matrubharti! I am creative writer and starting expolring my lyrics..... My stories, songs, my aim to write for passion satisfaction and moreover target the those number of audience who wants to change....

kavyotsav 2.0

अध्यात्म

#Kavyotsav2  

emotional,,(,भावना)


आज रहने दे...............................

ऐ साकी न डाल पैमाने में शराब
आज रहने दे
डॉक्टर ने कहा कि लीवर हो गया है ख़राब
आज रहने दे
पता ही नहीं चला कि कब बहने बड़ी हों  गयी
उनकी  शादी की उम्र हों गयी
बाप  तो  पिछले  साल चल बसा था
अब  तो बूढ़ी  लाठी पर भी दीमक आ गयी हैं
तूने मुझे  निगला  ठीक
पर शराब तू तो  मेरा घर खा गयी है
रोयेंगी माँ बेहिसाब आज रहने दे
बिन पिए मदहोश होने  का दिन आया  हैं
जिसके लिए दिल मुंतज़िर  रहा
हम उसकी गली के चक्कर लगाते रहे
वह तग़ाफ़ुल करके इतराते रहे
उठेगा उस  चेहरे  से हिज़ाब
आज रहने  दे
ऐसा  नहीं कि इस  मरने  से डर गया मैं 
क्यों इस जाम को लेने से पीछे हट गया मैं
जिसकी न कदर करी न उसे कभी मोहब्बत  करी
उस  ज़िन्दगी  से  होनी हैं  मुलाकात आज रहने दे 
ऐ  साकी  न डाल  पैमाने  में  शराब
आज रहने दे

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#Kavyotsav2  

love (प्रेम)


तेरे जाने  के  बाद........ 

सांस  लेने और जीने में  फर्क समझ  आया
गुल ही  गुल बिखरे पड़े थे
यह खार  से भरा रेगिस्तान तो  अब नज़र आया
अब  चाँद  को नहीं
उसकी दूरियों को ताकते  हैं
मुस्तबिल में नहीं माज़ी में झाँकते हैं
ज़ंजीर सी जकड़ी याद हैं 
पिंजरा भी  खुला हैं
सियाद भी नहीं  हैं
 फिर  भी बुलबुल क़ैद  हैं
गिरे एक बार और संभालते रोज़ हैं 
बोलते  हुए अलफ़ाज़ भी खामोश हैं 
 यह  सब हुआ हैं 
यह सब किया हैं
तेरे जाने  के  बाद........ 

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#Kavyotsav2  

श्राद्ध  का  खाना 

घर  गई  तो  रसोई 
चार तरह के व्यंजन से भरी पड़ी थी
मुझे पता है
मेरी माँ से इतनी मशक्कत नहीं होती
उनकी उम्र इसकी अनुमति नहीं देती
पूछा, "मैंने यह क्या कमाल है?"
यह कोई कमाल नहीं श्राद्ध का खाना है
आज कुछ नहीं पका बस यहीं खाना है
दादी तो मेरी यह सब मानती नहीं थी
नानी तो कहती थी कोई दिखावा नहीं करना
सेवा भी नहीं की तो श्राद्ध भी नहीं करना
मुझे लकवाग्रस्त, असहाय वो नज़र आती है
इन पकवानों को देख मेरी आँख भर आती है
श्राद्ध करने से दिन के बोझ कम होते है
दिल के नहीं
कोई जीवित है तो उसका दिल न दुखे
उसका मान-सम्मान होना चाहिए
जिन्हें हमसे प्यार होता है
उस लाठी का भी तो ख़्याल होना चाहिए
आसपास के बूढ़ो की चार बातें सुन लेती हो
इसलिए नहीं कि मेरे अंदर उच्च संस्कार हैं 
"संस्कार" भारी शब्द हैं यह सिर्फ़
नारी की ज़िम्मेदारी नहीं हैं
बल्कि यह एहतराम इसीलिए है
एक मुद्दत से घर में कोई बुज़ुर्ग नहीं हैं
मैंने सोच लिया हैं 
मुझे नहीं खाना
न मुझसे खाया जाना 
यह श्राद्ध का खाना..........

स्वाति ग्रोवर

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#Kavyotsav2  

Love (प्रेम)

तुमने  तो

तुमने  तो  मेरी  मुश्किलें  और  बढ़ा दी.....
बेहिसाब  वफ़ा  करी थी तुम्हारे साथ 
तुमने  बदले  मेँ  ज़फ़ा  थमा  दी
तूने  मेरे  रंग-बिरंगे  लिबास  देखे 
मेरे  चेहरे  का  नूर  देखा 
मुझे शायद  ज़न्नत की  कोई  हूर  देखा 
तुमने कभी मेरी मुफ़लिस नहीं देखी 
मेरी  आँखों  की नमी नहीं  देखी
तेरी  नज़रो में  कमी  थी  कि 
तूने  मेरी  ज़िन्दगी  में  कोई  कमी  नहीं  देखी 
क्या  सोचकर मेरे ख्वाबो की  झोपड़ी  जला  दी 
तुफानो  से  गुज़रा  था  सफर  मेरा
तूने  मेरे  पावो  के  खार  नहीं  देखे 
बेहिस  वक़्त  के  लगे  वार  नहीं  देखे 
कोई  मंदिर-मस्जिद  नहीं थे दिल था मेरा 
आख़िर काफिर  ही निकले तुम
तभी  तो  यह  इमारत  ढहा दी 
तुमने  तो  मेरी  मुश्किलें और बढ़ा दी.....

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#Kavyotsav2  

Love (प्रेम)

#Kavyotsav2  
Emotions (भावना)

बेटियाँ

आँगन में  चिड़िया  चहचहाने  आ गई
लगा  बिटिया  अब्बा-अब्बा  बुलाने आ  गई

चिड़िया चू-चू, कोयल कू-कू, गिलहरी कूद रही हैं
बाप की न सही बाग की बेटियाँ तो झूले झूल रही  हैं

बाबा बेटो को ज़मीन या सारी जागीर दे दो
बेटी को तो बस किताबें और तालीम दे दो

जहाँ बेटे जन्मे उनके परिवार पूरे हो गए
बूढ़े की तीन बेटियाँ थी उसके ख़्वाब पूरे हो गए

बाप ऐबी था और माँ कमज़ोर  बन  गई
उस घर की बेटियाँ बेटे बन गई

माँ-बाप  के गुज़रते ही हिस्सा  मांगने  आई  हैं
बेटे  मकान लेने आए बेटियाँ पेटियाँ लेने आई हैं

फूल सूख जाए तो तितलियों को उलहाने न दो
हादसे के बाद बेटियों को मुरझाने न दो

कोई कुत्ता काट जाए तो भी घर से  निकलने  दो
सावित्री तो हैं बेटी इसे लक्ष्मीबाई भी बनने  दो

जिस  समाज  में  अस्मिता  एक  लिबास  हैं
वहाँ की बेटी  कल  भी थी और आज भी उदास  हैं

इस  देश  की बेटी लड़ाकू  विमान  उड़ाएगी
ज़मीं संभाली हैं अब  क्षितिज  भी बचाएंगी

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#Kavyotsav2  

Humour, Inspiration (हास्य, प्रेरणा)

वोट

वोट दे दो मोदी को
वोट न दे दो किसी जोगी को
वैसे मोदी जी ने अच्छा काम किया है
हाँ, लालू का सही इंतजाम किया है
पाकिस्तान और चीन का मुँह बंद किया है
फिर वोट दे दो पप्पू को
वोट न दे दो किसी चप्पू को
कांग्रेस ने देश का बँटवारा कर दिया
कश्मीर का पेचीदा मसला खड़ा किया
आधा पंजाब पाकिस्तान को दिया
मुझे याद है जब भी मेरी नानी
बँटवारे की कहानी सुनाती थी
उनकी आँख भर आती थी
बुआ और बबुआ मिलकर वोट माँग रहे है
दोनों जिन मुसलमानों को बलगा रहे है
उन्हीं की खातूनें साइकिल और हाथी
दोनों को ऐसे घुमाएँगी
ये सवारी यूपी से बाहर भी वोट न ले पाएँगी
किंगमेकर ऐसा आउट होगा
पीएम बनने का सपना तार-तार होगा
उधर बंगाल में ममता भी वोटिंग के गीत है गाती
वो ऐसी देशभक्त है जो वंदे मातरम् नहीं गाती
मुझे कोई नारी सशक्तिकरण का बिगुल नहीं बजाना
ओ स्त्री-सोनिया, ममता, मायावती तुम मत आना
दिल्ली से झाड़ू भी झाड़ू घुमा रहा है
हौसला है सीएम वोट माँग रहा है
और चाटे भी खा रहा है,
फिर क्या करना है??
वोट देना भी देशभक्ति है
वोट ही हर भारतीय की शक्ति है
हर भारतीय की शक्ति है.. 

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#Kavyotsav 2

Emotions (भावना)

मेरी कविता

डायरी वाला किराये का मकान छोड़कर
पत्रिका रूपी घर तलाशती मेरी कविता
पहुँच तो जाती है, संपादक की टेबल पर
बिना पढ़े, बिना कोई दृष्टि डाले
स्तरहीन बताकर टेबल से रद्दी की टोकरी
का सफर तय करती है मेरी कविता।

आज चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है
छपती है उसी की रचना जो संपादक
का भाई या साला हैं
यह कलयुग हैं, यहाँ कोई न धर्मयुद्ध न कर्मयुद्ध
नीतिविहीन दुर्योधन नहीं, धर्मात्मा यु्धिष्ठर नहीं
फिर क्यों प्रकाशक के भाई-भतीजो से
हार जाती है मेरी कविता

हो सकता हैं मेरी कविता में बच्चन जैसा रस नहीं
'निराला' जैसा मर्म नहीं, 'महादेवी' जैसी शब्दों पर पकड़ नहीं,
'प्रसाद' जैसा सोन्दर्य नहीं,
'पंत' जैसी परिपक़्वता नहीं
पर मुझे यह ज्ञात है कि
नये साहित्यकरों की परिपाटी पर
खरी उतरती है मेरी कविता

भावों को क्या कभी कोई समझ पाएँगा?
कोई हैं जिसने पाषाण हृदय नहीं पाया हैं
क्या मेरे शब्द किसी से स्नेह के बंधन को बाँध सकेंगे?
या हमेशा तिरस्कृत होती रहेंगी मेरी कविता?
कब तक यूँ वापिस लौटाई जाएँगी
मोटे चश्मे में अनुभवी बने संपादको को कब तक
कम उम्र की नज़र आएँगी।
इस सवाल का जवाब
ढूँढ़ते-ढूँढ़ते बूढ़ी हो रही हैं मेरी कविता।

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