Hey, I am on Matrubharti!

क्या हुआ जो उसने तुझे रुलाया हैं
तूने भी तो माँ बाप का दिल दुखाया हैं

एक कविता देश के नाम ~Tarak

अजब जादुई नज़ारा हैं आज हिंदुस्तान में,
दिख रहा तिरंगा गली,शहर हर दुकान में,
तिरंगे के रंग में देश मेरा रंगा खूबसूरत हैं,
पर क्यों इस खुशी को किसी दिन की जरूरत हैं।

क्यों रोज तिरंगा चहुओर नही लहराता हैं,
क्यों देशभक्ति का भजन रोज नहीं सुनाता हैं,
क्यों नसों में खून जज़्बे का रोज नही खोलता हैं,
क्यों हर रोज तू जय भारत माँ की नहीं बोलता हैं।
चौराहे पर वीर सपूतों,शहीदों की मूर्तियां जो हैं,
क्यों वो रोज फूल मालाओं से सजाई नही जाती हैं,
क्यों उनकी वीर गाथाएँ रोज सुनाई नहीं जाती हैं,
क्यों ये देशभक्ति की दिवाली रोज मनाई नहीं जाती हैं।

कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें और कृपया कमेंट करें।

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क्यों पीते हो ये सिगरेट,
क्या मिलता है इसे पीने में,
क्या मज़ा नही आता तुमको,
अपनों के साथ जीने में,
पीते हो तो यूँ धुँआ,
यूँ धुँआ ना उड़ाया करों,
खुद ही क्यों ये धुँआ गाड़ते हो,
अपनों के सीने में।
~Tarak

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प्यार की राहों में वो बेवफाई से जूझते हैं,
दर्द देने वाले आज दर्द की वजह पूछते हैं।
~Tarak

पक रहा एक लोहा सही,पर एक दिन मेरी दमक देखना,
गर्दिश में सही जिंदा रहूँ बस,एक दिन मेरी चमक देखना।
~Tarak

कसमें वहीं, और वहीं इरादे लेकर,
गए हैं वो अब किसी और प्यार की तलाश में,
वही दीवानगी और झूठे वादे लेकर।
~Tarak

क्या सच में नया साल हैं, क्या सच में सब बदल गया,
Please read it completely..#2020 ~Tarak

सच कहूँ तो दिन वही रात वही,
हर पल बदलते हालात वही,
जख्म वही और तनाव वहीं,
जीवन की झूलती नांव वहीं,
वही है माया वहीं है काया,
हर पल एक सा डर का साया,
वही जीवन की भाग और दौड़,
कैसे कहूँ के बदल गया है मोड़,
फिर वही पर जाना वही से आना,
लगा रहेगा ये आना और जाना,
फिर कैसे कह दूँ साल बदल गया,
बस,जो आज हैं वही कल गया,
ना तू बदला न में बदला सब वहीं हैं,
सच बोलू तो बस कैलेंडर बदल गया।

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नया साल मुबारक सबको,दो पंक्तियाँ नए साल पर।
~Tarak

यूँ ही बीतते रहेंगे सालो साल,
बीत जाएंगे यूँ ही दिन और रात,
रुपिया पैसा सब बीत जाएगा,
बीते पल में कोई साथ नही आएगा,
छोड़ दो घमंड अब भी समय हैं,
मांग लो माफी अब भी समय हैं,
क्या लेके साथ आया था,
तू क्या साथ लेके जाएगा,
बस इतना याद रखना,
एक दिन तू भी बीत जाएगा।

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माना के ये पुराना साल जा रहा हैं,
पर हमें भी पुराना करके जा रहा हैं,
ये नया पुराना साल तो मात्र बहाना हैं,
ये तो समय हैं बस भागता जा रहा हैं।
~Tarak

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Very True Lines:

बचपन से जिंदगी के लिए दौड़ रहे है हम,
एक दिन ये जिंदगी हमे छोड़ कर दौड़ जाएगी!
~Tarak