-- पृथ्वी का एक निवासी -- मुझे बचपन से ही काल्पनिक दुनिया के प्रति आकर्षण रहा है और उसी कारण मैं भी अपनी कल्पना शक्ति से कुछ न कुछ हमेशा लिखता रहता हूँ। आशा है की आप सभी लोगों को मेरी लिखी कहानियों को पढ़ने में उतना ही आनंद आए जितना मुझे उस कहानियों को कल्पना करते वक्त और उसे लिखते वक्त आता है। FB and Insta:/thekirtipalsinhgohil

મારી આવનારી વાર્તા ની એક ઝલક:
https://youtu.be/QKY4Zc3mQy4

कैसे बताए हाल ए दिल उसको,
जब जब उसकी याद आती है, दुनिया अंजान सी लगती है,
जब जब आंखें उसे देखती है, लगता है जैसे दुनिया में खूबसूरती की परिभाषा है,
जब जब सीने से लगती है, अहसास मानो अधूरापन ख़तम हो गया,
जब जब वो बातें करती है, दिल बच्चे की तरह नाचता होता है
और वो पगली समझती है की हमें प्यार करना नहीं आता।

"कैसे बयां करे हाल ए दिल जब दिल और दिमाग की मालिक बन चुकी है वो,
हमें इश्क का ' ई ' तक मालूम न था, दिल चुरा कर दास्तान ए मोहब्बत शिखा गई वो।"
❤️🧡💛💚💙💜

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दुनियादारी का ज्ञान नहीं होगा तो भी चलेगा
परंतु जिम्मेदारी का भान जरूर होना चाहिए।

-Kirtipalsinh Gohil

रिश्ते खून से साबित नहीं होते, मान-सम्मान एवं आदर से बनते है।
बाहर से आदर और भीतर से कड़वाहट वाले संबंध रिश्ते नहीं अपितु शीशे होते है जो खिंचाव और दबाव से आखिर में टूट ही जाते है।

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सभी मित्रों एवं पाठकों को नया साल मुबारक।💐
इश्वर से प्रार्थना है की तमाम परिवार का यह नया साल उमंग, उत्साह और खुशियों से भरा रहे।
और
आप सभी स्नेहीजनों से निवेदन है की अपना और अपने लोगों का ध्यान रखें। स्वस्थ रहे, जागृत रहे।
और
जीवन की असली वास्तविकता को जानिए। मेरा बनाया हुआ यह चित्र मुझे उसी वास्तविकता से हमेशा प्रेरित करता है। आशा है आप भी समझ ही गए होंगे।

फिर से, आप सभी को नए साल की बहुत बहुत शभकामनाएं।
🙏🏻

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दीपावली;
दीपों से मनाए, पटाखों से नहीं।
जरा एकबार उन बेजुबान पंछियों के बारे में सोच लीजिएगा की यह वक्त उनके आराम का है ना की डर और प्रदूषण से तडपना।🕊️
🙏🏻

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यदि अब तक समय नहीं मिला तो चलो आज से दीपावली दिन से अपने देखे उज्जवल ख्वाबों को वास्तविकता में परिवर्तित करने का निर्णय कर लो।
इससे अच्छा मुहरत नहीं मिलेगा कहीं। और आज से हर दिन को दिवाली की तरह जियो।
💫
सभी मित्रों एवं पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
🙏🏻

-Kirtipalsinh Gohil

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अति आत्मविश्वास, अति साहस, अति बल, अति चतुरता या अति की गति कभी अच्छी साबित नहीं होती।

कहानी के दो नायक की एक ऐसी रात जो भूलकर भी भूल न पाएंगे। उनकी भूल उन्हें अनचाहे अनुभव का सामना करवाती है। जानिए उनकी बीती रात का मंजर मेरी लिखी इस कहानी में।

लेकिन उसके पहले एक भूल, लाया भूत का Official Trailer:
https://youtu.be/FrDFER7b1gM

Kirtipalsinh Gohil लिखित कहानी "एक भूल, लाया भूत" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19900571/a-mistake-brought-ghost

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Kirtipalsinh Gohil लिखित कहानी "एक भूल, लाया भूत" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19900571/a-mistake-brought-ghost

DIL और WILL (वसीयत) हर कोई चाहता है मगर उन्हें ही मिलता है जिसे देने वाला चाहता हो।

-Kirtipalsinh Gohil