भावों की ये, अभिव्यक्ति शब्दों के आधार है मेरी कलम ही, मेरे अस्तित्व की पहचान है.

मुलाकात


आज बड़ी मुश्किल से,
दिन ये आया है।
उनसे मुलाकात का,
अवशर पाया है।
यूँ तो उनसे कभी बात,
नही होती ,
बंजर भूमि में बरसात,
नहीं होती ,
बैठे हैं पास उनके हम,
पलकों को झुकाये ,
दिल की अपनी बात,
कैसे उन्हें बताये,
वो कहते हैं कि,
तुम कुछ बोलती नहीं,
राज अपने दिल के,
तुम खोलती नहीं,
तभी सुर्ख हवा,
गिर कर यूं आई,
चेहरे पर मेरे जुल्फ लहराई,
हटा कर जुल्फ मेरी,
वो मुझ से यूँ बोले,
तुम्हारी ये आँखे,
राज दिलों के खोले,
हम भी मुस्कुरा कर,
उनसे यूं बोले,
जब जानते हो सब,
तो क्यू बनते हो भोले,
दिल पर हाथ रख कर वो,
हम से यूँ बोले,
क्या करें दिल में जज्बात बड़े हैं,
तुमसे कहलाने के अरमान बड़े हैं।
💓💓💓💓💓

Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित

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तेरे नाम में,
मेरा नाम समाया है,
इसलिए..
हे केशव!
तु राधे कृष्ण कहलाया हैं।
Uma vaishnav

एक दिन शिकवा शिकायत से भी इंसान थक ही जाता है।
#गिलानहीं #collab #yqdidi
#YourQuoteAndMine
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अरमान संजोया है ❤️


अरमान संजोया हैं
फिर तुमसे,
मिलने का,
बाते करने का,
कुछ ख्वाब,
संजोने का
आधे - अधूरे किस्से,
पूरे करने का

अरमान संजोया हैं,
वो पल,
फिर से लौट आए
मिल कर गये थे,
जो नगमें सुहाने
वो फिरसे गुनगुनाये ।

अरमान संजोया है,
तुमको पाने का,
और सिर्फ़ तेरा,
हो जाने का,

Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित

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पलक
*****

पलकों की,
ख्वाबों से बात हो जाये,,
तू जो लगाए काजल,
तो दिन में भी रात हो जाए,

इतना न गरज,
ऐ आसमान ,
कही ऎसा ना हो,
वो उठाए पलके,
और बरसात हो जाए।

उमा वैष्णव
मौलिक और स्वरचित

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सूरज की लाली,
और वो चाय,
अदरक वाली,
सदा कायम रहे,
आपकी हंसी,
वो मुस्कान वाली 😊
Good morning 🌻 Ji
Uma vaishnav

क्यों मुझे इतना सताती है
आख़िर तू चाहती क्या है, ज़िन्दगी।
#ज़िन्दगी #collab #yqdidi #YourQuoteAndMine
Collaborating with YourQuote Didi

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मेरे नाम से,
तू नाम अपना,
जोड़ दें,
बाकी सारी बातें,
तू किस्मत पर,
छोड़ दें

उनको क्या बताए,
दिल में दर्द क्या है,
तुम्हें याद करके ,
रोया दिल किताना है

Uma vaishnav

आदत हैं,
हमें मुस्कुराने की,
इसलिए तो लोग,
अक्सर हमें
दर्द दे जाते हैं।।

उमा वैष्णव