Hey, I am on Matrubharti!

खामोशी कों चुना कि मैने अगले सफर के लिए...

यू लफ्ज़ो कों ज़ाया करना अब अच्छा नही लगता...

लो कर दिया आजाद तुम्हारी यांदों का परिंदा

कफस _ ए _ दिल को बोझ तेरा और मंजूर नहीं ......🙏

शायरी शौक़ नहीं ना ही है ये कारोबार मेरा ,
बस कुछ चुभता है तो कुछ लिख देते हैं...

हमारी शायरी की छांव में आकर बैठ जाते हैं...​
​वो लोग जो मोहब्बत की धूप में जले होते हैं...!!

गुनगुनाते रास्तों की दिलकशी अपनी जगह...

और इस सब के दरम्यान तेरी कमी अपनी जगह...

जब तुम कहोगे हम तब मिलेंगे
लेकिन इक शर्त पर
ना घडी तुम पहनोगे
ना वक्त हम देखेंगे!

तेरी यादों को लफ्जो मे पिरोते हुए.......

रातों का तो पता नही
पर हा उंगलियां कट जाती है....

तेरी मोहब्बत से ज्यादा तेरी इज़्ज़त अज़ीज़ है..

तेरे किरदार पे बात आई तो देव बाबू अजनबी बन जाएगै

बिस्तर पर लिपटने वाले तो बहुत मिल जायेंगे .....

मगर

मजा तो तब है जब कोई भरे बाज़ार सीने से लगा ले......

फासला रख लो मुझसे,
मेरा लफ्ज लफ्ज जहर है