समाज में दिखाई देने वाली विसंगतियों पर मन में उपजे भावो को शब्दों के रूप में ढालने का शौक कब लेखन में बदल गया, पता ही नही लगा ...... वर्तमान में फेस बुक के विभिन्न समूहो, विशेषकर नया लेखन नए दस्तखत लघुकथा - गागर में सागर और वेब साइट्स ओपन बुक्स ऑन लाइन पत्रिका रचनकार हस्ताक्षर प्रितिलिपि आदि पर लेखन। वेब पत्रिका जय विजय प्रयास सेतु अनुक्रमणिका और अनहद कृति में समय समय पर रचनायें शामिल। कई हिंदी संकलनों का हिस्सा बनने के अतिरिक्त साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन...........

#धार्मिक

माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम हैं महागौरी, जिनकी नवरात्र के आठवें दिन उपासना का विधान है। ऐसा माना जाता है कि इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष (पाप आदि) धुल जाते हैं। इनका वर्ण पूर्णतः गौर है और वस्त्र, आभूषण आदि भी श्वेत हैं जिससे इन्हें शंख, चंद्र आदि की उपमा भी दी जाती है।

यूँ तो भक्तजन नवरात्र के प्रत्येक दिन कन्याओं को भोजन करवाते हैं, लेकिन विशेषकर उत्तर भारत में, आठवें दिन कन्याओं को भोजन-दक्षिणा देने के साथ इस पर्व का समापन हो जाता है।

∆ जय माता दी। ∆

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सांझ-ओ-सहर मेरे, शब्-ए-गम में यूं ही कट जाएंगे।
उम्मीद-ए-चिराग लेकर वो, न आये है न आएंगे।
/ वीर /

#धार्मिक
#विचार
माँ दुर्गा की सातवीं देवी को कालरात्रि के नाम से जाना जाता है। देवी कालरात्रि काली,महाकाली,भद्रकाली,भैरवी और चामुंडा जैसे विनाशकारी रूपों का ही एक पर्याय है। हालांकि माँ का यह स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है लेकिन वस्तुतः शुभ फल देने के कारण इन्हें शुभंकारी नाम से जाना जाता है।
मान्यता है कि असुरों के राजा रक्तबीज (कहते हैं कि इस असुर के रक्त हर बूंद से नए असुर पैदा हो जाते थे) का संहार करने के लिए ही स्वयं देवी दुर्गा ने ही अपने तेज से इन्हें उतपन्न किया था।

. . . आज की परिस्थितियों में क्या कोरोना भी रक्तबीज का पर्याय नहीं। लेकिन इस रक्तबीज के प्रभाव को नष्ट करने के लिए आज मानव मात्र को स्वयं ही 'सोशल डिस्टनसिंग' हथियार का प्रयोग करना होगा।

माँ कालरात्रि सभी को इस पावन कार्य को करने की शक्ति दे।

/वीर/

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मेरे 'शब्दों' में जब भी, तेरे जज़्बात चले आते हैं।
ख़ुद के नहीं, फिर तेरे ही ख़यालात लिखे जाते हैं।।
// वीर //

#धार्मिक
कात्य गोत्र में जन्में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन द्वारा मां दुर्गा को पुत्री रूप में पाने की इच्छा और सर्वप्रथम उनकी आराधना करने से ही नवरात्र की छठी देवी का नाम माँ कात्यायनी पड़ा। कात्यायनी वस्तुतः माँ पार्वती का ही दूसरा नाम है।

. . . काश कि पुत्र में ही अपना वंश खोजने वाला हमारा समाज, वर्तमान में भी 'देवी' को पुत्री रूप में पाने के लिये भी मन से, तपस्या या इच्छा करते।
/वीर/

🌴🌻🍁🌴 #जय_माता_दी .🌻🍁🌴🌻

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#धार्मिक
माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप है माँ स्कंदमाता। सभी नव देवियों में वस्तुतः यही देवी अपनी प्रतिमाओं में माँ के स्वरूप में विराजमान है। श्री स्कंद (कुमार कार्तिकेय) की माता होने के कारण ही इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।

पूजा मात्र से मानव में चेतना और बुद्धि का विकास करने वाली इस देवी-कृपा की इस समय संसार को बहुत आवश्यकता है।

कृपा करो मां स्कंदमाता।
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#सुविचार
// चतुर्थ नवरात्रा //

कहा जाता है कि अपने दैदीप्यमान प्रकाश से इस देवी ने ही सृष्टि को प्रकाशमान किया था। आस्थाओं से हटकर इस घटना को सूर्य के अन्दर हो रही नाभिकीय प्रक्रिया के प्रतीकात्मक रूप में देखा जा सकता है।

बरहाल कूष्मांडा (कुम्हड़ा) की बलि अति प्रिय होने के कारण कूष्मांडा नाम से जानी जाने वाली देवी के बारे में यह प्रबल मान्यता है कि इनकी पूजा से सभी बीमारियां दूर होती है।
. . . शायद कोरोना भी!

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जय माता दी।
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#विचार
नवरात्र का तीसरा दिन आपदाओं और भय से मुक्ति के लिए माँ चंद्रघंटा के नाम है।

मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र और युद्ध में इनके घंटे की टंकार से ही असुरों में भय उतपन्न हो जाने के कारण ही इन्हें देवी चंद्रघंटा कहा गया।

ऐसी भी मान्यता है कि इनके पूजन से मन की शक्ति और वीरता की वृद्धि होती है।

🌿🐚 *जय माता दी* 🐚🌿

/वीर/

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#सुविचार

माँ_ब्रह्मचारिणी

'ब्रह्मचारिणी' अर्थार्त ब्रह्मा की शक्ति और तप की चारिणी यानी तप का आचरण करने वाली; प्रतीक है #संयम और #संकल्प का. . . और जरूरत है वर्तमान परिस्थितियों में इसे दैनिक जीवन में उतारने की।

🌿🔥जय माता दी।🔥🌿

// STAY HOME STAY SAFE //

/वीर/

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#विचार
कोरोना की महा आपदा के बीच इस नव-विक्रमी संवत 2077 और चैत्र नवरात्रि का प्रारम्भ आज से हो रहा है। हिन्दू सभ्यता में नवसंवत से ही सृष्टि का उदभव माना जाता है।
*इस बार नवरात्रि पर्व के संदर्भ में 'कोरोना' के चलते इस बात का विशेष ध्यान रखें। कि जो लोग अस्वस्थ्य या शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है। वे लोग व्रत न रखें, निर्जल व्रत तो बिल्कुल नहीं।

// जय माँ शैल पुत्री। //

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/वीर/

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