समाज में दिखाई देने वाली विसंगतियों पर मन में उपजे भावो को शब्दों के रूप में ढालने का शौक कब लेखन में बदल गया, पता ही नही लगा ...... वर्तमान में फेस बुक के विभिन्न समूहो, विशेषकर नया लेखन नए दस्तखत लघुकथा - गागर में सागर और वेब साइट्स ओपन बुक्स ऑन लाइन पत्रिका रचनकार हस्ताक्षर प्रितिलिपि आदि पर लेखन। वेब पत्रिका जय विजय प्रयास सेतु अनुक्रमणिका और अनहद कृति में समय समय पर रचनायें शामिल। कई हिंदी संकलनों का हिस्सा बनने के अतिरिक्त साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन...........

#गुरु_पूर्णिमा_2020
भारतीय सभ्यता में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। यदि भारतीय सभ्यता के गौरवमयी इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो कमोबेश हर युग में अनिगिनित विद्वान हमारे समाज को दिशा दिखाते ही रहे हैं। लेकिन हिन्दू सभ्यता में जिस ऋषि को सर्वाधिक आदर दिया गया है, वह हैं चारों वेदों के प्रथम व्याख्याता आदि गुरु ऋषि व्यास।

ऋषि व्यास की स्मृति में अपने गुरुजनों को उन्हीं का अंश मानकर उनकी पूजा-अर्चना करके गुरु पूर्णिमा का दिन भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी आज का दिन गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। कहा जाता है कि प्राचीनकाल में जब विद्यार्थी गुरु के आश्रम में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करता थे तो इसी दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करके उन्हें अपनी सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर धन्य होते थे।

समय के साथ शिक्षा के स्वरूप में बहुत बड़ा अंतर आ गया है, और इसके साथ ही गुरु के दायरे भी में असीमित वृद्धि हो गई है। वर्तमान के आधुनिक काल में यदि देखा जाए तो गुरु अर्थार्त शिक्षक का दायरा शिक्षा संस्थानों तक ही सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक काल में विधा, धनुर्विद्या या शास्त्र-ज्ञान से कहीं आगे बढ़कर चिकित्सा,इंजीनियरिंग,विज्ञान,गीत-संगीत और साइबर,अंतरिक्ष विज्ञान या आध्यात्मिक ज्ञान तक पहुँच चुकी है।

. . . लेकिन क्या सिर्फ ये पेशेवर,वृत्तिक ज्ञान से ही जुड़ी है गुरू की महिमा।
नही. . . !
. . . अपने स्नेह और ज्ञान से हमें समृद्ध करने वाले मित्र,नाते-रिश्तेदार और शुभचिंतक भी कई मायनों में गुरु ही होते हैं।
. . . जन्म से व्यस्क अवस्था तक हमारी संभाल करने वाले और संसार की पहचान करने वाले माता-पिता हमारे प्रथम गुरु ही होते हैं।

. . . और वस्तुतः शास्त्रों में तो यह कहा गया है कि जो व्यक्ति आपको नींद से जगा दे, आपको सही मायनों में ज्ञान दे, वही सच्चा गुरु है।

वैसे सच्चे गुरु की खोज के संदर्भ में 'ओशो रजनीश' ने कहा था गुरु की खोज बहुत मुश्किल होती है। गुरु शिष्य को खोजता है और शिष्य गुरु को खोजता रहता हैं, लेकिन बहुत मौके ऐसे होते हैं जब गुरु हमारे आसपास होता है और हम उसे ढूंढ़ रहे होते है किसी मठ में, आश्रम में, जंगल में या किसी दुनियां के किसी चकचौंध मेलें में !
दरअसल बहुत से साधारण लोग हमें गुरु लगते ही नहीं हैं क्योंकि वे तामझाम के साथ हमारे सामने नहीं आते। वे न तो ग्लैमर की दुनिया से आते है और न ही वे हमारे जैसे तर्कशील होते हैं। हमारे जीवन में ऐसे बहुत से मौके आते हैं जब गुरु हमारे सामने होते हैं और हम किसी अन्य तथाकथित के चक्कर में लगे रहते हैं।. . .

ऐसे ही सच्चे और पूजनीय गुरुओं को गुरु पूर्णिमा पर शत: शत: नमन...।

जीवन में उन सभी आदरणीय शुभचिंतको को समर्पित जिन्होंने हर कदम पर मुझे सही मार्ग दिखाया.......
सादर! __/\__

/वीर/

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Nobody is here to fulfill your dream. Everybody is here to fulfill his own destiny, his own reality....
यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है। हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है।
'ओशो'

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'परफेक्टनेस' (पूर्ण दक्षता) की दौड़ में शामिल होने की अपेक्षा यह अधिक जरूरी है कि हम बेहतर होने की निरंतर कोशिश करते रहें, यही बात मायने रखती है और यही सफलता का मूल मंत्र भी है।. . .
//वीर//

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#विचार
सकारत्मकता का चश्मा ही मनुष्य को सकारत्मकता दे सकता है, वर्ना नकारात्मक चश्में से तो मनुष्य सहज ही हर किसी में बुराई खोज ही लेता है। इसलिये जरूरी है कि हमारी दृष्टि हमेशा सकारत्मक ही रहे।

शुभ प्रभात।
ha√e a π¡ce da¥ 💐💐



VIRENDER VEER MEHTA लिखित कहानी
"यह दिल मांगे मोर" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें

https://www.matrubharti.com/book/19860168/yah-dil-mange-more

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#विचार

उदय तो किसी का भी अचानक नहीं होता, सूर्य भी धीरे-धीरे ही निकलता है और ऊपर उठता है।
. . . शाश्वत सत्य यही है कि धैर्य और तपस्या जिसमें है, वही संसार में अपने प्रकाश का कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
शुभ प्रभात।

❤️have a nice day❤️
_/\_

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मोहब्बत-ए-आशिक़ में किसी को महंगे गुलाब देना ही इश्क़ नहीं यारों।
चलो चंद गरीबों पर भी गुलाबों का रंग-ए-इश्क़ बिखरा के देखा जाए।।
//वीर//

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#सुविचार
क्लासिक किताबें वो होती हैं, जिनकी लोग प्रशंसा करते हैं; पर पढ़ते नहीं. . .
- मार्क ट्वेन

🌷शुभ प्रभात🌷

💦H∆V€ ∆ N!C€ D∆¥ 💦

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#विचार

शिक्षा और फिलॉसफी (दार्शनिकता) किसी को बदल नहीं सकती; ये सब तो बस एक प्रेरणा देती हैं, जरूरत है इनसे प्रेरित होने की. . .
_/\_

#Stay_Safe

#Stay_Home

have a nice day..... 💐

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#सुविचार
दूसरे ग्रहों तक पहुंच बनाने की कोशिश करने वाला मानव अपने ग्रह की चुनौतियों को ही स्वीकार नहीं कर पा रहा. . . !

कुदरत ने इक लम्हें में; सच को हैरान कर दिया,
थम गई हरकतें... बेकार हर सामान कर दिया।
'वक़्त नहीं हैं'; कहने वाले हर इंसान को खाली,
और परिंदों की तरह, क़ैद का ऐलान कर दिया।
/ वीर /

#STAY_HOME
#STAY_SAFE

🌷have a nice day🌷

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#विचार

Every morning is a GIFT from GOD, accept it. . .

हर सुबह ईश्वर की ओर से एक उपहार है, स्वीकार कीजिए इसे।

Have a nice day.

💐💐 _/\_

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