Hey, I am reading on Matrubharti!

इतनी थी देर मत करना वापस लौटने में
की,....
चाबिंया बेअसर हो जाए तालों पर...

यादों की भी दो अलग दुनिया है
इक जो तुम भूल गए
और
इक जो मुझे याद है.

आजकल के रिश्तोे से तो अच्छी मोबाइल की बैटरी है,

खत्म होने से पहले warning तो देती है.