में एक कवि,लेखक,शायर और स्वतंत्र विचार वाला समीक्षक हूँ ,जो अपने मन की भावनाओं और कल्पनाओं की अभिव्यक्ति शब्दों में बयां करता हूँ,निःसन्देह में matrubharti पर अपनी बात रख पाने में समर्थ हो सकूँगा....धन्यवाद***

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#मुलाक़ात

तेरी मुलाकात का वो जमाना याद है
छुप -छुप कर इश्क़ फरमाना याद है
बीत गए कुछ अरसे तुमसे मुलाकात के वो साखी,
आज भी तेरा चेहरा छुपाकर मुस्कराना याद है।।।

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बचपन#