हेलो दोस्तों, मेरा नाम विकास भान्ती है । मूल रूप से कानपुर से हूँ पर नौकरी ने सोनीपत, मनेसर, बरेली, अलीगढ, धार, बस्ती, आगरा और अब फिर से बरेली जैसे अलग अलग शहरों में रहने का मौका दिया । जितनी ज्यादा जगहें उतनी अलग अलग संस्कृतियाँ और साथ ही उतना ही ज्यादा अनुभव । मूलतः मुझे सामाजिक कहानियाँ लिखने का शौक है पर प्रतिलिपि ने मुझे पाठकों की पसंद के हिसाब से लिखना सिखाया । कुछ लोग बिलकुल शुद्ध हिंदी लिखने में गर्व अनुमव करते है, मेरा मानना है कि भाषा वो लिखी जाए जो मूरख से मूरख को भी आघात करे ।

what do you do when someone ask you for a date and you don't like?

सच केवल पक्ष और विपक्ष होता है ।

निष्पक्ष हमेशा झूठ होता है ।।।

अक्सर कहा जाता है 'तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं ।
पर सच तो यह है कि अगर साथ होता तो संघर्ष की आवश्यकता ही न होती ।

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जब हम ज्यादा बोलते हैं तो ज्यादातर गलत बोलते हैं

दीवार हमेशा दोनों तरफ होती है, रिश्तों में भी
-विकास भान्ती

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'चुड़ैल वाला मोड़ - 5' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19874987/chudhail-wala-mod-5

शुभ दीपावली

ईश्वर करे आपके जीवन के समस्त संकट अग्नि दिए के तेल के समान स्वयं तो समाप्त हों पर पीछे प्रसन्नता और सफलता का प्रकाश फैला जाएँ

विकास भान्ती

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Thanks editors for recognizing my story

#VikasBhanti

एक छोटी सी कहानी

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