हेलो दोस्तों, मेरा नाम विकास भान्ती है । मूल रूप से कानपुर से हूँ पर नौकरी ने सोनीपत, मनेसर, बरेली, अलीगढ, धार, बस्ती, आगरा और अब फिर से बरेली जैसे अलग अलग शहरों में रहने का मौका दिया । जितनी ज्यादा जगहें उतनी अलग अलग संस्कृतियाँ और साथ ही उतना ही ज्यादा अनुभव । मूलतः मुझे सामाजिक कहानियाँ लिखने का शौक है पर पाठकों ने मुझे उनकी पसंद के हिसाब से लिखना सिखाया । कुछ लोग बिलकुल शुद्ध हिंदी लिखने में गर्व अनुमव करते है, मेरा मानना है कि भाषा वो लिखी जाए जो मूरख से मूरख को भी आघात करे ।

मेरी अगली कहानी का विषय क्या हो?

मेरे सभी पाठकों का तहेदिल से शुक्रिया और शुक्रिया मातृभारती का भी....

फुटपाथों पर अक्सर दिख जातीं ज़िन्दगी की रिवायतें
फिर भी ये दरो दीवार ही करते हैं मौसम की शिकायतें,

ठण्ड के आगोश में
पहलू हो रज़ाई का
मूंगफली हों गोद में
और साथ हो लुगाई का
😂😂😂😂

मैंने कागज़ पर लिखीं थीं बहुत सारी शिकायतें ।
पर उनके आंसुओं की बारिश में सब धुंधला गईं।।

what do you do when someone ask you for a date and you don't like?

सच केवल पक्ष और विपक्ष होता है ।

निष्पक्ष हमेशा झूठ होता है ।।।

अक्सर कहा जाता है 'तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं ।
पर सच तो यह है कि अगर साथ होता तो संघर्ष की आवश्यकता ही न होती ।

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जब हम ज्यादा बोलते हैं तो ज्यादातर गलत बोलते हैं