विशेष घोंसला: Learn Hindi - Story for Children and Adults

Hindi | 04m 08s

A bird is trying to build a nest for herself. But everywhere she builds a nest, something or the other disturbs her. What will she do? विशेष घोंसला लेखिका - कविता सिंह ठण्ड आने ही वाली है। एक चिड़िया ने घोंसला बनाने का फैसला किया। वह तिनका-तिनका लाती और उन्हें करीने से जमाती। बड़ी सावधानी और मेहनत से काम करने के बाद घोंसला तैयार हुआ। आरामदायक और गर्माहट से भरा घोंसला। चिड़िया अब ख़ुश है। वो बैठे-बैठे इस सोच में डूब गई की अब सर्दिया आराम से बीतेंगी। उसे नींद की झपकी लगी ही रही थी, तभी महसूस हुआ जैसे कुछ हिल रहा है। चिडिया ने सोचा, “शायद हवा के झोंके घोंसले को धीरे-धीरे हिला रहे हैं।” लेकिन घोंसला तो बड़ी तेज़ी से काँपने लगा। चिड़िया घोंसले से बाहर निकल आई। और अगले ही पल घोंसला धडाम से ज़मीन पर जा गिरा। बाहर चिड़िया ने देखा, एक हथिनी पेड़ से पीठ खुजा रही थी। चिड़िया को गुस्सा आया, “ओ हथिनी, ये बदतमीजी है!” गुस्से में तमतमाई चिड़िया, और वहां से उड़ गयी। अब उसे तलाश थी किसी नयी जगह की, ऐसी जगह, जहाँ हाथी उस तक ना पहुँच पायें। उसने एक नया घोंसला बनाना शुरू किया। सावधानी और मेहनत से उसने अपना नया घर बना लिया। थकान में चूर, वह लेट गयी। नींद से आँखे बन्द होने ही वाली थी तभी उसे दिखी, दो बड़ी बड़ी गोल आँखे। ये आँखे उसे घूर रही थी। ये रंगाई करने वाला आदमी था आदमी ने नया घोंसला उठा कर फ़ेंक दिया। उसके बाद ब्रश निकाला और दीवार पर रंगाई चालू कर दी। चिड़िया बेहद चिढ़ गयी। “ओ इंसान, तुम बतमीजी कर रहे हो!” उसने बहुत बिगड़ कर कहा और वहाँ से उड़ चली। अब उसे एक नयी चिंता ने घेर लिया था। उड़ते-उड़ते उसे हवा में तैरता हुआ गुब्बारा नज़र आया। गुब्बारे के पीछे एक और गुब्बारा भी था। देखते ही देखते उसे पूरे आसमान में गुब्बारे ही गुब्बारे नज़र आने लगे। और फिर उसे सूझा एक अनोखा तरीका। उसने सावधानी और मेहनत से एक नया घोंसला बनाया। और इस बार कोई उसे परेशान नहीं कर सकता था। Story: Kavita Singh Illustrator: Partho Sengupta Animation: BookBox Translation: Kavita Singh Narration: Sweta Sravan Kumar (BookBox) Music: Rajesh Gilbert

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