श्री गणेशाय नम: दैनिक पंचांग शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभु आपको ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का बारंबार प्रणामनमननमस्कार है यह है आज का पंचांग २२- अप्रैल-२०१९ 22 - Apr - 2019 समस्त भारत के लिए हिंदू पंचांग सोमवार तिथि तृतीया 11:26:50 नक्षत्र अनुराधा 16:46:08 करण : विष्टि 11:26:50 बव 23:10:19 पक्ष कृष्ण योग वरियान 25:55:32 वार सोमवार सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ सूर्योदय 05:52:15 चन्द्रोदय 21:55:00

शुभ संध्या समय शुभ रात्रि काल जय माता
कालरात्रि ब्रह्मदत्त
सातवाँ नवरात्रा
माँ कालरात्रि
सातवाँ नवरात्रा - माँ कालरात्रि
सातवाँ नवरात्रा - माँ कालरात्रि
सातवाँ नवरात्रा - माँ कालरात्रि
सातवाँ नवरात्रा - माँ कालरात्रि
माता के भक्तों आज माता दुर्गा का सातवां रूप कालरात्रि के रूप में नवरात्रों में स्थापित है आज माता कालरात्रि की पूजा एवं रचना है
आओ जानते हैं मां कालरात्रि पूजा विधि संस्कारित तरीके से
नवरात्र सातवां दिन
मां
कालरात्रि संध्या प्रणाम नमन नमस्कार है आपको ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का
पूजा विधि
माँ कालरात्रि
नवरात्रों में सप्तमी तिथि का ख़ास महत्व होता है. इस दिन की
भी अन्य दिनों की तरह ही होती है नवरात्री के सातवे दिन
माँ कालरात्रि की पूजा से पूर्व पहले कलश और अन्य देवी-देवता
की पूजा करें. इसके बाद माता कालरात्रि जी की पूजा करे. पूजा
से पूर्व हाथों में फूल लेकर देवी माँ के सामने नतमस्तक होकर
मंत्र का ध्यान करना चाहिए. कहते है की इस दिन से भक्तो के
लिए माँ के द्वार खुल जाते है और भक्तजन पूजा स्थलों पर माँ के
दर्शनों के लिए जुटने लगते है नवरात्री के सातवें दिन रात्रि पूजा
का भी विशेष महत्व होता है. ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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हैप्पी नवरात्रि
हैप्पी नवरात्रि
BRHAMDUTTA TYAGI HAPUR
SUBH
NAVRATRE
JAY MATA
नवरात्र तीसरा दिन
पूजा विधि
माँ चंद्रघंटा
नवरात्री के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा के लिए सर्वप्रथम
माता की चौकी पर माँ चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। गंगा
जल से इसे शुद्ध करे. इसके बाद चौकी पर एक कलश में जल
भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। पूजा का
संकल्प लेकर सभी देवी-देवताओं का आवाहन करे, सभी
प्रकार
की पूजन सामग्री जैसे- वस्त्र, सुहाग पिटारी, चंदन, रोली,
अक्षत,
हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, फूल, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, सुपारी,
दक्षिणा, अर्पित कर पूजा करे. पूजा संपन्न करने के बाद प्रसाद
वितरण कर पूजन संपन्न करनी चाहिए. ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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माता ब्रह्मचारिणी आपको मां दुर्गा के दूसरे रूप में बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है आज आपका शुभ नवरात्रा है ब्रह्मदत्त त्यागी
नवरात्र दूसरा दिन
माँ ब्रह्मचारिणी
Happy
Navratri! !
Happy.
Navratri!
मंत्र...।।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः।
स्तुति....।।
तपो आचरण, कमण्डलु धारण सराहना देवता, ऋषि सिद्धगण दुर्गा
द्वितीय रूप ब्रह्मचारण
ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा नमो नमः!!
ध्यान...।।
वन्दे वांच्छितलाभायचन्द्रर्घकृतशेखराम्।
जपमालाकमण्डलुधराब्रह्मचारिणी शुभाम्॥
गौरवर्णास्वाधिष्ठानास्थितांद्वितीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।धवल
परिधानांब्रह्मरूपांपुष्पालंकारभूषिताम्॥
पद्मवंदनापल्लवाराधराकातंकगीलांपीन पयोधराम्।
कमनीयांलावण्यांस्मेरमुखीनिम्न नाभि नितम्बनीम्॥
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
ब्रह्मचारिणी
माता पार्वती
दुर्गा का दूसरा
रूप माता
ब्रह्मचारिणी के
रूप में ब्रह्मदत्त

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श्री सत्यनारायण भगवान विष्णु आपकी जय हो, आशा करता हूँ आप सभी भक्तों का कल्याण करेंगे... आज बृहस्पतिवार वीरवार गुरुवार है भगवान विष्णु का शुभ दिन भगवान विष्णु को ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी विष्णु भक्तों का बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है आज बृहस्पतिवार है और यह है आज का श्री विष्णु मंत्र
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप
करना चाहिए।ॐ नमोः नारायणाय.ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय ||
दरिद्रता से मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु के इस मंत्र
का जाप करना चाहिए।÷ॐ भूरिदा भूरि देहिनो,÷मा दभ्रं भूर्या भर।÷भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।÷ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत:÷पुरूत्रा शूर वृत्रहन्।÷आ नो भजस्व राधसि।। ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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दर्द-ए- शायरी ब्रह्मदत =2
आप से दूर जाने का इरादा ना था, सदा साथ रहने का वादा ना था, आप याद
नहीं करोगे ये जानते थे हम, पर इतने जल्दी भूल जाओगे ये अंदाजा ना था...
आप से दूर जाने का इरादा ना था, सदा साथ रहने का वादा ना था, आप याद
नहीं करोगे ये जानते थे हम, पर इतने जल्दी भूल जाओगे ये अंदाजा ना था...
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
दर्द-ए-शायरी ब्रह्मदत्त -आप मे दूर जाने का इरादा ना था, सदा साथ रहने
का वादा ना था, आप याद नही करोगे ये जानते थे हम, पर इतने जल्दी
भूल जाओगे ये अंदाजा ना था...
गर्दिशों में अक्सर बेवफाई कर जाते है लोग, अपनों को यूं ही भूल जाते
है लोग, वक्त की जरुरत में अक्सर देखा है गिड़गिड़ाते हुए गैरों को
भी अपना बनाते हुए, मजबूरियों के हालात में इंसान कितना मजबूर है,
आश्वासन देता है अपनों को झूठ और फेरेब मे समझाते हुए.... ब्रह्मदत्त
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा
शुभ बुधवार जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त
शुभ🌅🌄🌅🌄 🕉️ 🌅🌄🌅🌄 लाभ
वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा
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वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा
ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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⚜️⚜️जय जय नारायण नारायण हरि हरि तेरी लीला प्रभु न्यारी न्यारी हरी हरी जय जय नारायण नारायण हरी हरी ब्रह्मदत्त⚜️⚜️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
➗परमा एकादशी आज➗
भगवान विष्णु को करें प्रसन्न
↪️पंचरात्रि व्रत का विधान↩️
आज परमा एकादशी मनाई जा रही है. इस एकादशी को अधिक मास एकादशी भी कहते हैं. परमा एकादशी के दिन पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. आज के दिन भक्तों को भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है और उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अधिक मास में पड़ने की वजह से परम एकादशी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. पुराणों में परम एकादशी का फल अश्वमेघ यज्ञ के बराबर बताया गया है.
⭕परमा एकादशी का महत्व⭕
अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और परमा एकदाशी के दिन भी भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है. इस दिन भक्तों को पूजा का पूरा फल मिलता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है. परम एकादशी को कठिन व्रतों में से एक है. कई लोग इस व्रत को निर्जला भी रखते हैं तो कुछ लोग केवल भगवत चरणामृत लेते हैं.

⭕ऐसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न⭕

इस व्रत में पांच दिनों तक पंचरात्रि व्रत किया जाता है. भक्त पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं. इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और दान-दक्षिणा दिया जाता है. कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत और पूजा करता है उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की भी पूजा की जाती है. प्रस्तुतीकरण ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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[शुभ शनिवार] ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़:
●!! हनुमानजी की पूजा के दौरान इस मंत्र
को पढ़ते हुए उनसे क्षमा-प्रार्थना करना चाहिए:!!● मन्त्रहीन क्रियाहीनं भक्तिहीनं
कपीश्वर | यत्पूजितं मया देव! परिपूर्ण तदस्तु मे ||
●!! हनुमानजी की पूजा में इस मंत्र को पढ़ते हुए सुवर्णपुष्प
समर्पण करना चाहिए:!● वायुपुत्र ! नमस्तुभ्यं पुष्पं सौवर्णकं प्रियम् |पूजयिष्यामि
ते मूर्षि नवरत्न • समुज्जलम् ||
B ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ B
जय
हनुमत
नमः
जय
हनुमत
नमः
सूर्य पुत्र शनिदेव
[शुभ शनिवार]
जय शनिदेव ब्रह्मदत्त
●भगवान शनि देव की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप
करते हुए उन्हें वस्त्र समर्पण करना चाहिए:!!●
शनिदेवः शीतवातोष्ण संत्राणं
लज्जायां रक्षणं परम् |
देवलंकारणम् वस्त्र भतः शान्ति प्रयच्छ में ||
●!! शनि देव की पूजा करते समय इस मंत्र को पढ़ते हुए
उन्हें सरसों के तेल से स्नान कराना चाहिए:!!● भो शनिदेवः सरसों तेल वासित
स्निगधता|
हेतु तुभ्यं-प्रतिगृहयन्ताम् ॥
B ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ B

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अक्टूबर माह के संपूर्ण विवरण
के साथ आपका दोस्त मित्र साथी
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
अक्टूबर 2020 के व्रत और त्योहार
जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त
1 गुरुवार पूर्णिमा व्रत
5 सोमवार संकष्टी चतुर्थी
13 मंगलवार परम एकादशी
14 बुधवार प्रदोष व्रत (कृष्ण)
15 गुरुवार मासिक शिवरात्रि
16 शुक्रवार अमावस्या
17 शनिवार शरद नवरात्रि , तुला संक्रांति
घटस्थापना
21 बुधवार कल्परम्भ
22 गुरुवार नवपत्रिका पूजा
24 शनिवार दुर्गा महा नवमी पूजा , दुर्गा महा
अष्टमी पूजा
25 रविवार दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा
26 सोमवार दुर्गा विसर्जन
27 मंगलवार पापांकुशा एकादशी
28 बुधवार प्रदोष व्रत (शुक्ल)
31 शनिवार अश्विन पूर्णिमा व्रत
यदि विवरण आपको पसंद आया हो तो आगे अपने दोस्तों मित्रों साथियों में इसे वितरित करें साझा करें अथवा भेजें.... ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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सोमवार
.05 अक्तूबर २०२०
शिव महादेव महाकाल शंकर शंभूनाथ सोमवार ब्रह्मदत्त
शुभ प्रभात!
आज सूर्योदय 6:20 am बजे और सूर्यास्त 5:58 pm बजे है
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
शिव सोमवार सुबह सुप्रभातम्
आज सोमवार है महादेव का वार है जो भी सच्चे मन से ध्यावे उसका बेड़ा पार है
शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू आपको ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं
सभी भक्तों का बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है यह है महामृत्युंजय मंत्र की विशेष
जानकारी....
"महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का सबसे बड़ा मंत्र माना जाता है। हिन्दू
धर्म में इस मंत्र को प्राण रक्षक और महामोक्ष मंत्र कहा जाता है। मान्यता
है कि महामृत्युंजय मंत्र से शिवजी को प्रसन्न करने वाले जातक से मृत्यु
भी डरती है। इस मंत्र को सिद्ध करने वाला जातक निश्चित ही मोक्ष को
प्राप्त करता है। यह मंत्र ऋषि मार्कंडेय द्वारा सबसे पहले पाया गया था।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ
हम तीन नेत्र वाले भगवान शंकर की पूजा करते हैं जो प्रत्येक श्वास में
जीवन शक्ति का संचार करते हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन न-पोषण
अपनी शक्ति से कर रहे हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि जिस प्रकार एक
ककड़ी अपनी बेल में पक जाने के उपरांत उस बेल-रूपी संसार के बंधन
से मुक्त हो जाती है, उसी प्रकार हम भी इस संसार-रूपी बेल में पक जाने
के उपरांत जन्म-मृत्यु के बंधनों से सदा के लिए मुक्त हो जाएं तथा
आपके चरणों की अमृतधारा का पान करते हुए शरीर को त्यागकर आप
ही में लीन हो जाएं और मोक्ष प्राप्त कर लें।
महामृत्युंजय मंत्र के फायदे
यह मंत्र व्यक्ति को ना ही केवल मृत्यु भय से मुक्ति दिला सकता है बल्कि
उसकी अटल मृत्यु को भी टाल सकता है। कहा जाता है कि इस मंत्र का
सवा लाख बार निरंतर जप करने से किसी भी बीमारी तथा अनिष्टकारी
ग्रहों के दुष्प्रभाव को खत्म किया जा सकता है। इस मंत्र के जाप से
आत्मा के कर्म शुद्ध हो जाते हैं और आयु और यश की प्राप्ति होती है।
साथ ही यह मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी
फायदेमंद है। प्रस्तुतीकरण ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
शिव सोमवार सुबह सुप्रभातम् ब्रह्मदत्त त्यागी

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