बंदिशों से मुफ़लिस और लिहाज़ से नकारा हूँ, रिश्तों से फ़क़ीर औऱ मिज़ाज़ से शरारा हूँ, मुझसे मेरे आशियाँ का पता मत पूछो ऐ दुनिया वालों, मैं मज़हब से मुसाफ़िर और फ़ितरत से आवारा हूँ.!

ઓય સાંભળ વીસ ત્રીસ ના રિચાર્જ સુધી નો પ્રેમ સારો હતો.

હવે આ સ્કૂટી માં પેટ્રોલ વાળો તારો પ્રેમ મને મોંઘો પડે છે પગલી.🤦‍♂️

😂😂😂 ફાલતુ જ્ઞાન

-मनमौज़ी

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बारिश की तरह कोई भिगोता रहे हमको,

मिट्टी की तरह हम भी महकते चले जाएँ ...

-मनमौज़ी

चलते चलते एक दिन मुझको हुआ एहसास ये
जो सुकूँ है रास्ते में वो कहाँ मंज़िल में है...

-मनमौज़ी

ना कोई समझा मुझे,
ना मैं समझा पाया कभी,

ना किसी ने पूछा मुझे हाल मेरा,
ना मैं बता पाया कभी...

-मनमौज़ी

बड़ा मुख्तलिफ है अंदाज़,
उनके इश्क फरमाने का,

वो निगाहों से दिल में उतर आते है
और होंठों से रूह छू जाते है..! ❤️

-मनमौज़ी

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हमको दरिया ने कई बार किनारे पटका

जब तलक डूबे नहीं हार नहीं माने हम

-मनमौज़ी

चुग़ली की धार इतनी तेज होती है

जो खून के रिश्तों को भी काट कर रख देती है

ओशो

#tuesdaymotivations

अजनबी हूँ शहर में,
रास्ते भूल जाता हूँ.

मोहब्ब्त याद रहती है,
चेहरे भूल जाता हूँ.

-मनमौज़ी

सुनो हवा आई है तुम्हारी शिकायत लेकर..

कहती है की तुम,इश्क में हो...!

-मनमौज़ी