कुछ समय बाद राजकुमारी मृणाल नदी के किनारे ऊँचे पत्थर पर बैठी हुई थीं, और नदी के भीतर राजकुमारी ...
वहीं कुछ देर बाद राजकुमारी यशी भी उठ चुकी थीं। उन्होंने अपने स्नान करने वाले वस्त्र पहन रखे थे, ...
अगली सुबह...शाही तंबू के भीतर, बिस्तर पर सोई हुई राजकुमारी यशी ने नींद भरी आवाज़ में कहा,"यह क्या कर ...
कुछ देर बाद, नदी के पास जो पड़ाव डाला हुआ था, उससे थोड़ी दूरी पर युवराज और दूसरे बालक ...
नमस्ते दोस्तों!मैं एक ऐसी कहानी लेकर आई हूँ, जो इतिहास से मिलती-जुलती ज़रूर है, पर पूरी तरह काल्पनिक है। ...
दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखाई दे रही ...
दोनों आमने-सामने बैठ गए।दुकान में रखी पुरानी लकड़ी की कुर्सियों पर दोनोंआमने-सामने बैठ गए।अवंतिका ने बिना भूमिका बाँधे पूछा,"आपकी ...
सुबह के पाँच बजे थे।चंदनगढ़ की सुबह बाकी जगहों जैसी नहीं थी। न अज़ान की आवाज़, न मंदिर की ...
अवंतिका दुकान से बाहर निकल आई, लेकिन उसके कदम वहीं रुक गए। जाने क्यों उसे लगा कि वीर कुछ ...
मेरी है।"अवंतिका खिड़की के सामने खड़ी रह गई। उसकी नज़र बार-बार उन तीन शब्दों पर टिक जा रही थी। ...