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गुलकंद By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

मैं, एक लेखिका, श्रुत कीर्ति अग्रवाल, आज पहली बार आपके साथ अपनी रचनाओं के माध्यम से नहीं, स्वयं अपने-आप को माध्यम बना आपके समक्ष हूँ। अभी तक मुझे लगता था कि अगर मैं अपनी सारी बातें...

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अर्धांगिनी-अपरिभाषित प्रेम.. By रितेश एम. भटनागर... शब्दकार

हर तरफ बस एंबुलेंस के सायरन का शोर सुनायी दे रहा था,लोग बदहवास से होकर इधर उधर अपने अपनों को बचाने के लिये भाग रहे थे, पूरी पूरी रात लाइनों मे लगने के बाद भी बहुत से ऐसे लोग रह जात...

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बियोंड वर्ड्स : अ लव बॉर्न इन साइलेंस By Dev Srivastava

एक लड़का दौड़ते हुए कहीं जा रहा था । उसकी उम्र 25 साल के आस पास रही होगी । उसने सफेद रंग की ट्रैक पैंट के साथ काले रंग का टी - शर्ट पहना हुआ था ।

उसने अपने बाएं हाथ में एक काले...

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Love at First Slight By Prem Charthad

Mother: "Rahul, get ready, we're going to the temple."

Rahul: "Mom, I don't want to go."

Mother: "What do you mean you don't want to go? We go...

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शोहरत का घमंड By shama parveen

आलिया का आज कॉलेज में आखिरी दिन है। इसलिए आज वो कॉलेज में पार्टी कर रही है सभी के साथ क्योंकि अब वो कॉलेज नही आयेगी। अब वो एग्जाम देगी और उसके बाद कॉलेज से छुट्टी।

पार्टी खत्म ह...

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લોહિયાળ નગર By Kirtidev

ગાંધીનગરના હૃદયમાં, ભારતની ઈન્ટેલિજન્સ બ્યુરો (આઈ.બી) અને અમેરિકા ફેડરલ બ્યુરો ઓફ ઈન્વેસ્ટિગેશન (એફ.બી.આઈ) એકજુથ થઈ ભયાનક આતંકવાદી સંગઠનના આગલા હુમલાના યોજનાઓને રોકવા માટે સંયુક્ત...

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रिश्तो की कश्मकश By Naaz Zehra

जल्दी करो बहुत देर हो रही है पाता नहीं सुबह से क्या कर रहे थे जो अब इतना समय लग रहा है अरे आज ही हमें बारात लेकर निकलना है,,, और कितना समय लगाओगे जल्दी करो सुबह समझा रहीं हूं अपनी...

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शून्य से शून्य तक By Pranava Bharti

माउंट आबू के उस अंतिम छोर पर स्थित एक छोटे से आश्रम में अपने कमरे के बाहर लॉबी में एक कुर्सी पर बैठी आशी दूर अरावली के पर्वतों की शृंखला को न जाने कब से टकटकी लगाकर देख रही थी| शीत...

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Shyambabu And SeX By Swati

श्यामबाबू ने रात के आठ बजे दिल्ली के रेडलाइट एरिया में सड़क के किनारे, कोई कोना देखकर अपनी गाड़ी पार्क की और दस मिनट तक गाड़ी मेंही बैठा रहा और बैठे-बैठे यही सोचता रहा कि उसके जि...

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डेविल सीईओ की स्वीटहार्ट By सलोनी अग्रवाल

ये कहानी है बनारस की रूही की जो अपनी जिंदगी से परेशान हो चुकी है आप उस की जिंदगी में कोई नही बचा जिसे वो अपना कह सके। और दूसरी तरफ है राजवीर सिंघानिया जो है सिंघानिया ग्रुप कंपनी क...

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