नौकरी और जिम्मेदारियाँसपने देखना आसान होता है।लेकिन जब जिंदगी जिम्मेदारियों के सामने खड़ी हो जाए, तब सपनों और जरूरतों ...
इंसानियत का हिसाबलोगों की सोच और मेरी सोच में शायद जमीन-आसमान का फर्क है।मैं अक्सर सोचता हूँ कि अगर ...
सुबह के करीब दस बज रहे थे.अंजलि अपने कमरे में बैठी थी, लेकिन उसका ध्यान किसी काम में नहीं ...
मेरे परिवार से भी मेरा रिश्ता कुछ ऐसा ही है।कभी बहन का फोन आ जाता है, कभी मम्मी का।बात ...
YouTube का सपनाहर इंसान के अंदर कोई न कोई ऐसा सपना जरूर होता है, जिसे वह दुनिया से ज्यादा ...
सुबह की हल्की धूप खिडकी से कमरे के अंदर आ रही थी.अंजलि रातभर ठीक से सो नहीं पाई थी.उसके ...
मेरी बहुत सी आदतें हैं…कुछ ऐसी हैं जिन्हें मैं खुद भी खराब मानता हूँ, और कुछ ऐसी हैं जिनके ...
पढ़ाईजिंदगी में एक समय ऐसा आता है जब बचपन पीछे छूटने लगता है और भविष्य सामने खड़ा दिखाई देने ...
अंजलि की कार शहर की सडकों पर तेजी से आगे बढ रही थी.सडक पर गाडियों की भीड थी, लेकिन ...
बचपन से ही मेरे अंदर एक आदत थी—और शायद आज भी है। अगर किसी चीज़ के लिए मैंने एक ...