Vedanta Life Agyat Agyani Books | Novel | Stories download free pdf

शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।

by Agyat Agyani

शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।जब मन कहता है—“कृष्ण ऐसे थे।”“बुद्ध ऐसे थे।”“राम ऐसे थे।”तो वह ...

मैं हूँ - लेकिन कर्ता नहीं

by Agyat Agyani
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0 — कर्ता का अंत, होना शेष0 केवल शांति नहीं है।0 केवल विचारों का रुक जाना नहीं है।0 केवल ...

उत्तर बेचने वाले गुरु और खोता हुआ प्रश्न

by Agyat Agyani
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उत्तर बेचने वाले गुरु और खोता हुआ प्रश्नआज आध्यात्मिक बाजार में एक विचित्र स्थिति दिखाई देती है—प्रश्न भी गुरु ...

इंसान देव है भगवान मत बनाओ

by Agyat Agyani
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इंसान का सम्मान करो, उसे भगवान मत बनाओ मनुष्य में दिव्यता का अंश अवश्य है। यदि "भगवान" का अर्थ ...

सपनों का बाज़ार, आरक्षण

by Agyat Agyani
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सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat ...

शूद्र मानसिकता' और प्रतिभा का पलायन

by Agyat Agyani
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विकास की असली परिभाषा: खोज और शोध (R&D) आज हजार लोग हजार बातें कर रहे हैं। हर कोई ...

जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा

by Agyat Agyani
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जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा अस्तित्व की मूल प्रकृति तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—से समझी जा सकती ...

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु

by Agyat Agyani
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बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु ​(वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण) ​मनुष्य जन्म के समय ...

रामायण - वेदांत 2.0 Life

by Agyat Agyani
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राम दुःखी नहीं थे, हमारी दृष्टि दुःखी है रामायण - वेदांत 2.0 Life दृष्टिर्बन्धनकारिणी, दृष्टिरेव विमोचिनी।यथा दृष्टिस्तथा ...

मार्ग अनेक हो सकते हैं, पर बोध एक है।

by Agyat Agyani
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मार्ग अनेक हो सकते हैं, पर बोध एक है। सूत्र: एकोनशतं मार्गा बोधस्त्वेकः।मन्थनाद् विवेकः विवेकाद् बोधः।बोधे सर्वे मार्गाः कृतार्थतां ...