Hindi Novels and Stories Download Free PDF

अधुरी खिताब

by kajal jha
  • (4.2/5)
  • 117k

एक भयानक खोज दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का ...

यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

by Ramesh Desai
  • 24.9k

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी ...

नेहरू फाइल्स

by Rachel Abraham
  • (4.4/5)
  • 158.4k

नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि ...

श्रापित एक प्रेम कहानी

by CHIRANJIT TEWARY
  • 51.4k

अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं ...

‎समर्पण से आंगे

by vikram kori
  • 8.2k

सुबह के छह बज रहे थे। ‎शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के ...

पहली नज़र का इश्क

by Bikash parajuli
  • 4.7k

पहली मुलाकात गर्मी की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी थीं, और स्कूल का पहला दिन था। स्कूल का गेट बच्चे और ...

यशस्विनी

by Dr Yogendra Kumar Pandey
  • 79.5k

यशस्विनी 21वीं सदी में महिलाओं की बदलती भूमिकाविषय पर एक आलेख लेखन में व्यस्त है।अपने लैपटॉप पर हेडफोन से ...

इश्क.

by om prakash Jain
  • 138.2k

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के ...

मेरे इश्क में शामिल रूहानियत है

by kajal jha
  • 99.3k

दो दुनियाओं का पहला टकराव मुंबई… यह शहर कभी नहीं सोता। अनगिनत सपनों को अपनी पनाह में लिए, और लाखों ...

महाभारत की कहानी

by Ashoke Ghosh
  • (4.4/5)
  • 509.7k

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले ...

राधे ..... प्रेम की अंगुठी दास्तां

by Soni shakya
  • 55.1k

अब मान भी जाओ राधे ...!! राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी ...

बेरंग इश्क गहरा प्यार

by kajal jha
  • 5.8k

एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के ...

अंतर्निहित

by Vrajesh Shashikant Dave
  • 50k

आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को ...

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन

by RACHNA ROY
  • 198.9k

इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया ...

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई

by Dr. Suryapal Singh
  • 11.5k

गुरु जी डॉ0 सूर्यपाल सिंह से मैं दो वर्ष से सम्पर्क में हूँ। प्रारम्भ में गुरु जी के बोले ...

रॉ एजेंट

by bhagwat singh naruka
  • 12.1k

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है ...

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ

by Dr. Pradeep Kumar Sharma
  • 33.1k

(1) लाइक एंड कॉमेंट्स रात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का हृदय गति रुकने से देहांत हो गया। ...

त्रिशा...

by vrinda
  • 49.4k

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह ...

इंतेक़ाम

by Mamta Meena
  • 91.2k

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और ...

तेरे मेरे दरमियान

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4/5)
  • 122.6k

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की ...