It was seven o'clock in the morning. The city streets were slowly waking up, but Nisha Kumari's night had ...
આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, ...
त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर ...
મુખ્ય પાત્રો : 1. અર્જુનસિંહ (વિક્રમસિંહનો જુનિયર / મુખ્ય ટ્રેકર): તીક્ષ્ણ બુદ્ધિ ધરાવતો વનરક્ષક જે માણસના મોં પરથી જૂઠ પકડી ...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग ...
महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह' २८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज ...
बहुत पुरानी बात नहीं है, यह उस दौर की कहानी है जब लोग आँखों से दिलों का हाल पढ़ ...
ये कहानी है चार लड़कियों की, जो अपनी-अपनी ज़िंदगी की परेशानियों से दूर भागकर आर्मी में आई थीं। लेकिन ...
भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ सुबह छह बजे अलार्म बजा। मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर ...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या ...
ભાગ ૧ — પહેલો પગાર, પહેલું રોકાણ સવારના સાત વાગ્યા હતા. અમદાવાદની એક નાની સોસાયટીમાં રમેશભાઈ પોતાના ઘરની બાલ્કનીમાં ઊભા રહીને ...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। ...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो ...
After her marriage with the almost fifty years aged guy Sahay, the twenty four years aged Mayuri thought her ...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...
It was Aarohi's first day at college and she was already late. With books in her hands and dreams ...
एक कर्तव्य ऐसा भी स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा ...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी ...
અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં ...
एक ऐसी दुनिया जहां कमजोरो की कोई जगह नहीं बस ताकतवर लोग ही हुकूमत चलते है और ताकत का ...