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कितना अकेला है आदमी

by sushil yadav

261 Jamiil musamman saalim mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun 12 122 12122 12122 12122 हमे ज़माना नहीं करे याद ...

साए से अलग होके

by sushil yadav
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241.. 28.2.25 Ramal musamman maKHbuun mahzuuf maqtuu.a faa'ilaatun fa'ilaatun fa'ilaatun fe'lun 2122 1122 1122 22 ज़िंदगी में कभी ...

धूल किस्मत में

by sushil yadav
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221.. 122 122 122 122 जो तुम देखती हो वो हम देखते हैं खुदा की नुमाइश करम देखते ...

बग़ावत का अँदेशा हो रहा है - गजल संग्रह

by sushil yadav
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201… 23.1.25 Mujtas musamman maKHbuun mahzuuf maskn mufaa'ilun fa'ilaatun mufaa'ilun fe'lun 12121122121222 मिरे मुनाफ़े में नुकसान क्या जरूरी ...

कश्ती में ख़राबी है

by sushil yadav
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13.1.26 मुज़ारे मुसम्मन अख़रब मकफ़ूफ़ महज़ूफ़ मफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईलु फ़ाइलुन 221 2121 12 21 21 2 घर फूंकने की ...

बस इतनी खबर नहीं - गजल संग्रह

by sushil yadav
  • 699

501 26.2.26 Ramal musamman saalim maKHbuun mahzuuf faa'ilaatun fa'ilaatun fa'ilaatun fa'ilun 2122 1122 1122 112 कौन अब रोज, ...

ग़ज़ल

by sushil yadav
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17.3.26 हज़ज मुसम्मन सालिम मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन 1222 1222 1222 1222 , इशारों में कहीं पर कुछ, निशानी ...

छतीसगढ़ के विस्मृत कवि, स्व. शिशुपाल बलदेव यादव मुकुंद दुर्ग

by sushil yadav
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22 नवम्बर , १९३३ को दुर्ग में राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी का आगमन हुआ मोती-तालाब मैदान ...

अपनी तो ये आदत है

by sushil yadav
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हमारी जुबान को एक धमकी में कोई भी, किसी भी वक्त बंद करवा सकता था एक बार बंद ...

ये तेरी सरकार है पगले .....

by sushil yadav
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मुझे ये भी लगा कि, अब ज्यादा भाव खाने से बात बिगडनी शुरू हो जायेगी मेरी स्तिथि ...