Dr Vinita Rahurikar Books | Novel | Stories download free pdf

विष-अमृत

by Dr Vinita Rahurikar
  • 3.3k

विष अमृत..."आज जाने की ज़िद ना करो, यूं ही पहलू में बैठे रहो।" कनु के स्वर की मधुर स्वरलहरियां ...

छत और छाता...

by Dr Vinita Rahurikar
  • (5/5)
  • 10.6k

मन भर कर शॉपिंग करने के बाद ढेर सारी शॉपिंग बैग्स से लदी नेहा अपने पाँच वर्षीय बेटे के ...

चेस्ट ऑफ ड्रॉवर...

by Dr Vinita Rahurikar
  • (5/5)
  • 10.1k

काम ख़त्म होने के बाद ज़रा कमर सीधी करने के ख़्याल से अर्पिता कमरे में आकर पलंग पर लेट ...

कच्ची डगर....

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.4/5)
  • 15k

आज खाना बनाते हुए सीमा के मन में विचारों की तरंगे उठ रही थी रह-रहकर। पिछले कई दिनों से ...

समझौता नहीं समर्पण

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.4/5)
  • 12.8k

समझौता नहीं समर्पण “ रिश्ते बनते तो प्यार से है लेकिन निभाए समझौते से ही जाते है. जो ...

मन्नतों का घर

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4/5)
  • 10.2k

मन्नतों का घर मंदिर तक ऊपर अब तो गाड़ी आज आने लगी है। एकदम मंदिर के सामने तो नहीं ...

बरसते मेंह में....

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.5/5)
  • 9.1k

बरसते मेंह में.... "क्या तकलीफ है?" चेहरे से नोज मास्क हटाते हुए उसने पूछा। "जी पीछे की दाढ़ में ...

टेबल नम्बर सत्रह...

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.7/5)
  • 10.3k

टेबल नम्बर सत्रह... अपने दोस्तों के साथ जब संदीप ने भरी दोपहरी में तालाब के किनारे बने खूबसूरत रेस्तराँ ...

पेनकिलर

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.5/5)
  • 9.2k

पेनकिलर “हाय...कैसी है?” फोन उठाते ही दूसरी तरफ से विद्या का चहकता स्वर सुनाई दिया.“अरे विद्या तू? कैसी है? ...

धड़कनों में तुम बसे

by Dr Vinita Rahurikar
  • (4.3/5)
  • 8.8k

धड़कनों में तुम बसे... दरवाजे के अंदर पैर रखते ही हर बार की तरह ही अनिरुद्ध के दिल की ...