कहानीस्पर्शविक्रम की नींद छोटे बच्चे के रोने की आवाज से खुली। आश्चर्य हुआ कि इतनी सुबह कौन आ गया? कमरे से बाहर निकला तो हॉल में एक-डेढ़ साल की बच्ची रो रही थी। गोरी चिट्टी सी बच्ची थी और साथ में एक औरत भी जो शक्ल सूरत से मेड सी लग रही थी और शायद उस बच्ची की मॉ॑।"मैडमजी ! इतने बड़े घर का 3500/- रेट चल रहा है।""अच्छा ठीक है पर क्या बेटी को लेकर..?" पत्नी श्रेया पूछताछ कर रही थी। "ठीक, कल से आ जाना।" कहते हुए श्रेया आठ वर्षीय बेटे मोहित को आवाज देने लगी जगाने के लिए।विक्रम