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  • Contract Marriage with Enemy Soldier - 1

    Chapter 1: मजबूरी का रिश्ताहवा में अजीब सी ठंडक थी… पर अनाया के दिल में उससे भी...

  • Beginning of My Love - 1

    बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने...

  • हैरानी - Ateet ki Yaadein - 1

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  • मिस फाइटर प्लेन - 1

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  • रात की रानी - भाग 1

    रात का आखिरी पहर था।घर के बाहर नीम का पेड़ सन्नाटे में खड़ा था — जैसे किसी अनहोन...

  • Mafia ki Deewangi - 1

    प्यार… जुनून… और खतरनाक दुनिया का संगम।”डॉ. सावी सिंह एक समझदार, मजबूत और दयालु...

  • PLATFORM - 1

    Chapter 1: आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ...

मैं, मैसेज और तज़ीन By Pradeep Shrivastava

पिछले करीब डेढ़ बरस कुछ ठीक बीते थे। खाने-पीने रोज की ज़रूरतों की चीजें ज़्यादा आसानी से मिल जा रही थीं। हम दोनों बहनों, भाई की स्कूल की फीस भी आसा0नी से जाने लगी थी। इसके साथ ही एक...

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अजीब दास्तां है ये.. By Ashish Kumar Trivedi

शारदा हाउसिंग सोसाइटी में आज की सुबह भी वैसी थी जैसे रोज़ होती थी। अखबार वाले, दूध, अंडा और ब्रेड सप्लाई करने वाले सोसाइटी में प्रवेश कर रहे थे।

लगभग हर फ्लैट में स्कूल जाने वाल...

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प्यार का बुख़ार By बैरागी दिलीप दास

जीवन के नाज़ुक मोड़ पर खड़ी थी उसकी ज़िंदगी। उम्र ने उसे कई चुनौतियों का सामना करना सिखाया था, परंतु जो उसे सबसे ज़्यादा छू गया था, वह था प्यार का बुख़ार। उसके दिल में अदा-ए-मोहब्ब...

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सिर्फ तुम्हारे लिए By Mehul Pasaya

{ एक सड़क से गुजरते हुए दो लोग. }

ओ हेल्लो मिस्टर कहा चले. बिना बताए जरा हमे भी बताओ. तो हम भी चलते साथ में.

मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है. में अलेका ही काफी हू. और हा बहेरबानी...

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शेष जीवन By Kishanlal Sharma

1--प्यार"आप अंदर जा सकते है।"नर्स के कहने पर रमेश अंदर चला गया।इला पलँग पर लेटी थी।उसकी बगल में उसका नवजात शिशु सो रहा था।रमेश बच्चे की तरफ देखते हुए बोला,"इसकी आंखे तु...

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अंतिम सफर By Parveen Negi

अंतिम सफर,,,,,,, यह बात तब की है ,जब मैं एक बार ऊंचे पहाड़ों की तरफ घूमने निकल गया था,, मौसम एकदम खुशनुमा था,, धूप खिली हुई थी ,,महीना भी मार्च के शुरुआत का था, पहाड़ों से बहने वाल...

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भोला की भोलागिरी. By SAMIR GANGULY

भीड़ में भी तुम भोला को पहचान लोगे.

उसके उलझे बाल,लहराती चाल,ढीली-ढाली टी-शर्ट, और मुस्कराता चेहरा देखकर.

भोला को गुस्सा कभी नहीं आता है और वह सबके काम आता है.

भोला तुम्हें...

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एक अपवित्र रात By MB (Official)

उलरिख वॉन जेटजीखोवन के वृत्तान्तों से ली गयी यह कहानी 13वीं सदी की है। बोधकथाओं या प्रकृत कथाओं से अलग यह प्रतीक-कथा अपने समय में एक नया आयाम उद्घाटित करती है।
जब लांसलॉट लड़का ही...

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वजूद. By prashant sharma ashk

शंकर ओ रे शंकर।

हां भाभी, क्या हुआ काहे हमारा नाम पुकारे जा रही हो ?

अरे वक्त देख। तेरे भैया वहां खेत पर खाने की राह देख रहे होंगे और तू यहां खाट तोड़ रहा है।

भाभी हम तो खे...

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दो दिल कैसे मिलेंगे By Pooja Singh

अधिराज की दुनिया...
फूलो सी महकती वादियां और नदी का किनारा जहां उसके किनारे बना है एक वूडन हाऊस
राजमाता रत्नावली परेशान सी इधर उधर घूम रही थी और मदहोश से बैठे अपने बेटे को देखती...

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खण्ड काव्य रत्ना वली By ramgopal bhavuk

‘’रत्‍नावली’’ पर एक दृष्टि बद्री नारायण तिवारी आज वातानुकूलित कमरों में बैठ कर जो लिखा जा रहा है उसका क्षणिक प्रचार तो मिल जायेगा किन्‍तु वह रचनायें कालजयी नहीं हो पातीं। भक्‍तवत्‍...

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Nafrat e Ishq By Umashankar Ji

चिड़िया की चहचहाहट सुनाई देती है। सुबह के 5:00 बज रहे हैं। दिल्ली का एक शांत मोहल्ला, जहां सुबह की ताजगी हवा में बसी है।

"यॉन, यॉन," सहदेव ने एक लंबी सांस ली और बिस्तर स...

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केसरिया बालम By Hansa Deep

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 1 “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस” बचपन से ही गाते हुए, अंदर ही अंदर, गहरे तक यह गीत रच-बस गया था। इसके तार दिल से जुड़े थे, मीठा लगता था, कानों में शहद घो...

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अलिफ लैला By Rajveer Kotadiya । रावण ।

शहरयार और शाहजमाँ की कहानी??
फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा को प्रि...

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नकाब By Neerja Pandey

खेत में सुबह सुबह नित्य क्रिया के लिए गया बिरजू अभी बैठा ही था की उसे जोर की बदबू आई। उसने सोचा अभी तक तो गांव से इतनी दूर कोई नही आता था। साफ जगह खोजने के चक्कर में दूर तक निकल आत...

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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शेख़ सादी By Munshi Premchand

शेख़ मुसलहुद्दीन (उपनाम सादी) का जन्म सन् 1172 ई. में शीराज़ नगर के पास एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और दादा का नाम शरफुद्दीन था। 'शेख़' इस घराने की सम्म...

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मुजाहिदा - ह़क की जंग By Chaya Agarwal

तलाक .....तलाक ......तलाक....... इन तीन अल्फ़ाजों को, बिल्कुल किसी मालिकाना हक की तरह बोल कर, उसका शौहर आरिज़ कमरें से बाहर निकल गया।
जलजले की तरह आये इन लब्जों के मायनों ने उस बैडर...

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तेरे इश्क में. By Priyanka Taank Bhati

रूही अपने कमरे में अकेली बैठी अपने पास ही रखे शादी के लाल जोड़े को देख रही थी, और मन ही मन सोच रही थी, कि जब वह राहिल से शादी कर के अपने ससुराल चली जायेगी फिर उसका जीवन कैसा होगा,...

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मृत्यु मूर्ति By Rahul Haldhar

यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है । कहानी किसी भी धर्म के देव - देवी का असम्मान नहीं करती। यह केवल एक भयानक प्लाट को दर्शाने के लिए प्रयोग किया गया है।

इस कहानी में वर्णित देवी व त...

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अंधेरा बंगला By Mansi

यह कहानी है रहीमपुर गांव में मोजूद "अंधेरा बंगला" की ,एक ऐसा बंगला जिसका नाम लेने की भी गांव के किसी लोग में नहीं थी, ना बच्चे ना बूढ़े ओर नहीं कोई जवान इस बंगले का नाम लेत...

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नफ़रत से प्यार तक कि कहानी By Nirali patel

यह कहानी नफ़रत से प्यार तक की है। जिसमें मुख्य पात्र के रूप में रिया और अजय है। और यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।

*********

“अपने आप को समझते क्या हो तुम कितनी देर से हमारे प...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... By Tripti Singh

ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है अगर इस कहानी या इसके किसी भी पात्र से आपको भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाती हैं तो मैं क्षम...

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प्रफुल्ल कथा By Prafulla Kumar Tripathi

मेरा जन्म गोरखपुर से लगभग 20 कि.मी.दूर खजनी के एक गाँव विश्वनाथपुर में को हुआ था | यह गाँव सरयूपारीण ब्राम्हणों के सुप्रसिध्ध गाँव सराय तिवारी का ही एक हिस्सा था | मेरे गाँव से लगभ...

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गरीब की इज्जत By Kishanlal Sharma

आंखे खुलते ही लाजो अपनी अवस्था को देखकर हतप्रद रह गयी।फारेस्ट अफसर जिसे वह जंगल का अफसर मानती थी।उसके बेडरूम में वह निर्वस्त्र पड़ी थी।वह पलंग पर निर्वस्त्र पड़ी थी और उसके कपड़े पलंग...

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जीवन का विज्ञान By Vedanta Life Agyat Agyani

यह ग्रंथ किसी विश्वास का प्रतिपादन नहीं करता —
यह केवल जीवन को देखने की दृष्टि है।
जो भीतर घटता है, वही बाहर फैलता है;
जो शरीर में है, वही ब्रह्मांड में।

यहाँ विज्ञान और अध्य...

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Exploring east india and Bhutan... By Arun Singla

दिल्ली: सफर की शुरुआत आज नई दिल्ली हवाई अड्डा टर्मिनल 3 से हुई । मेरे साथ मेरी हमसफर है। मेरा इरादा ईस्ट इंडिया में सिक्किम, वेस्ट बंगाल घूम कर भूटान जाने का है। मेने 3 महीने पहले...

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आत्मा - प्रेतात्मा By Rajveer Kotadiya । रावण ।

सुबह सुबह पागलो के अस्पताल के सामने ऑटो रुका रवि ने ऑटो वाले को पैसे दिये और गेट के पास जाकर गार्ड को आवाज़ दी.पर वह कोई नहीं था. इसलिय वह ख़ुद ही बस गेट खोलने ही वाला था. तभी सामन...

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आन्या का ससुराल By Riya Jaiswal

रात का समय था। यही कोई ग्यारह बज रहे होंगे। अब आन्या को सोने जाना था। उसने अपने कमरे की तरफ कदम बढ़ाए ही थे कि अचानक उसे एक आहट सुनाई दी। अंधेरा था, कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा, फिरभी...

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विरासत By Neelam Kulshreshtha

विरासत 1 - दिल से --माँ संसार के पहले स्कूल में पहला बच्चा दाखिल होने आता है। पिता की जेब में सिक्के, नाक पर दर्प है। माँ को साथ लाया गया है, क्योंकि बच्चे के स्कूल का पहला दिन है।...

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वो भूली दास्तां By Saroj Prajapati

अरे, बिट्टू कब तक सोती रहेगी। 5:00 बज गए हैं शाम के। रश्मि के घर से कई बार तेरे लिए बुलावा आ चुका है। जाना नहीं है उसके मेहंदी पर!" यह सुनते ही बिट्टू झटपट उठ बैठी। " क्या...

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वेद, पुराण, उपनिषद चमत्कार या भ्रम By Arun Singla

हम बचपन से ही ये सुनते आये हैं, की हमारे वेद पुराण अंग्रेज चुरा कर ले गये और उन्होंने हमारे वेद पुराण पड कर, नये- नये आविष्कार किए, अब कुछ लोग पूछते हैं, भाई उन्होंने किये तो हमने...

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FRIENDZONED LOVE By mystifying

ऐसे ही 5 दोस्त अपनी जिंदगी के सबसे प्यारे एहसास जी रहे है, उन्हे देख कर कोई भी कह दे की दोस्ती हो तो उनके जैसी, बिना किसी स्वार्थ के, पूरे विश्वास के साथ। जहां misunderstanding, je...

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स्वर्ण मुद्रा और बिजनेसमैन By Shakti Singh Negi

बहुत समय पहले की बात है. मेरी नई - नई शादी हुई थी. कुछ समय बाद हमें पैसे की कमी पडने बैठ गई. मेरी पत्नी ने एक छोटी सी कंपनी ज्वाइन कर ली और मैं कमाने के लिए बाहर चला गया. वहां मैंन...

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संग्राम By Munshi Premchand

अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर भी द...

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एसिड अटैक By dilip kumar

एसिड अटैक (1) ‘‘हाँ, हूँ, ठीक ही था’’ ऐसे जवाब सुन-सुन देवधर जान गये कि सेलेना उकता रही थी। देवधर ने उसे आराम करने देना ही मुनासिब समझा। थोड़ा बुरा तो लगा था देवधर को, कि उनकी बेटी...

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त्रिशा... By palvisha

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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सत्या By KAMAL KANT LAL

सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर आए और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ बीती रात उनके स...

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ड्रैकुला 10 By Mohd Siknandar

This story strated with a small state, Romania in Italy. The ruler of the state, Dracula, was blood thirsty. The country side people was panicked from his terror. He was blessed wi...

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आमची मुम्बई By Santosh Srivastav

मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्षों से मुम्बई मेरे खून में रच...

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अस्वत्थामा (हो सकता है) By Vipul Patel

अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी कार मैं चलता...

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गैंगस्टर का सनकी इश्क By Sanju

लाई हूं, एक ऐसी स्टोरी जिसमे सस्पेंस और लव है जो शुरू होता है हरिद्वार के शहर से जहाँ पर हमारी प्यारी सी वैशाली शर्मा जो की साधरण से परिवार की है ।जिसकी शादी एक ऐसे इंसान से हो जात...

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लव एंड ट्रेजडी By Urooj Khan

ये उपन्यास सिर्फ कल्पना पर आधारित है, इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नही। इसका उद्देश्य सिर्फ पाठकों का मनोरंजन करना है। इस धारावाहिक की कहानी एक अमीर घर के लड़के हंक्षित जिसके पर...

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इन्तजार एक हद तक (महामारी) By RACHNA ROY

ये कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है आशा करतीं हुं।आप सभी को अच्छा लगेगा।

हकीम पुर गांव अब पुरी तरह से कोलेरा महामारी की चपेट में आ गया था अब जो भी वहां से निकल गया तो उसकी जान बच...

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मृत्युलोक की क़िताब By Abhishek Chaturvedi

यह कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहाँ सर्दियों की शामें जल्दी उतर आती थीं और घने कोहरे में गाँव खो सा जाता था। इस गाँव में अजीबो-गरीब घटनाएँ होती रहती थीं, जिनका कोई भी कारण नहीं जा...

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राजपुरा के जंगल ...रहस्य या कोई साजिश? By Apoorva Singh

कहते है जहां शैतान होता है वहां भगवान भी होता है।अगर भगवान का अस्तित्व है तो शैतान का भी है।जीवन के इस सफ़र में कभी कुछ ऐसा हमारे सामने आकर घटित हो जाता है कि हमारे पास सहर्ष विश्व...

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महादेव... मेरी नजर से By Jaimini Brahmbhatt

"आदि है वो अंत है,आकार नहीं साक्षात्कार है वो, निराकार निर्विकार ओमकार है,वो अंत है अनादि है, जगतपिता जगत व्यापी है, जो हर कन मे बसे है हर मन मे बसें है बस हम उनसे अलग हो जाते...

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मुझसे दोस्ती करोगे By Sarvesh Saxena

"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...

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तुम ना जाने किस जहां में खो गए..... By Medha Jha

हर्ष ,हर्ष! कहां हो तुम? तुम्हें ढूंढती, तुम्हारे पीछे भागती वही मैं और अचानक सपना टूट जाता है। क्यों बार-बार देख रही हूं मैं यह सपना ? क्या संबंध है मेरा इस सपने से ? संबंध तो वा...

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कलयुग के श्रवण कुमार By संदीप सिंह (ईशू)

अभी अभी बेटे से फोन पर बात हुई थी। फोन कट चुका था।
लगभग 40 वर्ष की उषा और ऐसे ही 42-43 रही होगी माधव की उम्र। बेटे से बात कर बहुत प्रसन्न थे, होठों की मुस्कान स्पष्ट कह रही थी कि...

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मैं, मैसेज और तज़ीन By Pradeep Shrivastava

पिछले करीब डेढ़ बरस कुछ ठीक बीते थे। खाने-पीने रोज की ज़रूरतों की चीजें ज़्यादा आसानी से मिल जा रही थीं। हम दोनों बहनों, भाई की स्कूल की फीस भी आसा0नी से जाने लगी थी। इसके साथ ही एक...

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अजीब दास्तां है ये.. By Ashish Kumar Trivedi

शारदा हाउसिंग सोसाइटी में आज की सुबह भी वैसी थी जैसे रोज़ होती थी। अखबार वाले, दूध, अंडा और ब्रेड सप्लाई करने वाले सोसाइटी में प्रवेश कर रहे थे।

लगभग हर फ्लैट में स्कूल जाने वाल...

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प्यार का बुख़ार By बैरागी दिलीप दास

जीवन के नाज़ुक मोड़ पर खड़ी थी उसकी ज़िंदगी। उम्र ने उसे कई चुनौतियों का सामना करना सिखाया था, परंतु जो उसे सबसे ज़्यादा छू गया था, वह था प्यार का बुख़ार। उसके दिल में अदा-ए-मोहब्ब...

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सिर्फ तुम्हारे लिए By Mehul Pasaya

{ एक सड़क से गुजरते हुए दो लोग. }

ओ हेल्लो मिस्टर कहा चले. बिना बताए जरा हमे भी बताओ. तो हम भी चलते साथ में.

मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है. में अलेका ही काफी हू. और हा बहेरबानी...

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शेष जीवन By Kishanlal Sharma

1--प्यार"आप अंदर जा सकते है।"नर्स के कहने पर रमेश अंदर चला गया।इला पलँग पर लेटी थी।उसकी बगल में उसका नवजात शिशु सो रहा था।रमेश बच्चे की तरफ देखते हुए बोला,"इसकी आंखे तु...

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अंतिम सफर By Parveen Negi

अंतिम सफर,,,,,,, यह बात तब की है ,जब मैं एक बार ऊंचे पहाड़ों की तरफ घूमने निकल गया था,, मौसम एकदम खुशनुमा था,, धूप खिली हुई थी ,,महीना भी मार्च के शुरुआत का था, पहाड़ों से बहने वाल...

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भोला की भोलागिरी. By SAMIR GANGULY

भीड़ में भी तुम भोला को पहचान लोगे.

उसके उलझे बाल,लहराती चाल,ढीली-ढाली टी-शर्ट, और मुस्कराता चेहरा देखकर.

भोला को गुस्सा कभी नहीं आता है और वह सबके काम आता है.

भोला तुम्हें...

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एक अपवित्र रात By MB (Official)

उलरिख वॉन जेटजीखोवन के वृत्तान्तों से ली गयी यह कहानी 13वीं सदी की है। बोधकथाओं या प्रकृत कथाओं से अलग यह प्रतीक-कथा अपने समय में एक नया आयाम उद्घाटित करती है।
जब लांसलॉट लड़का ही...

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वजूद. By prashant sharma ashk

शंकर ओ रे शंकर।

हां भाभी, क्या हुआ काहे हमारा नाम पुकारे जा रही हो ?

अरे वक्त देख। तेरे भैया वहां खेत पर खाने की राह देख रहे होंगे और तू यहां खाट तोड़ रहा है।

भाभी हम तो खे...

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दो दिल कैसे मिलेंगे By Pooja Singh

अधिराज की दुनिया...
फूलो सी महकती वादियां और नदी का किनारा जहां उसके किनारे बना है एक वूडन हाऊस
राजमाता रत्नावली परेशान सी इधर उधर घूम रही थी और मदहोश से बैठे अपने बेटे को देखती...

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खण्ड काव्य रत्ना वली By ramgopal bhavuk

‘’रत्‍नावली’’ पर एक दृष्टि बद्री नारायण तिवारी आज वातानुकूलित कमरों में बैठ कर जो लिखा जा रहा है उसका क्षणिक प्रचार तो मिल जायेगा किन्‍तु वह रचनायें कालजयी नहीं हो पातीं। भक्‍तवत्‍...

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Nafrat e Ishq By Umashankar Ji

चिड़िया की चहचहाहट सुनाई देती है। सुबह के 5:00 बज रहे हैं। दिल्ली का एक शांत मोहल्ला, जहां सुबह की ताजगी हवा में बसी है।

"यॉन, यॉन," सहदेव ने एक लंबी सांस ली और बिस्तर स...

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केसरिया बालम By Hansa Deep

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 1 “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस” बचपन से ही गाते हुए, अंदर ही अंदर, गहरे तक यह गीत रच-बस गया था। इसके तार दिल से जुड़े थे, मीठा लगता था, कानों में शहद घो...

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अलिफ लैला By Rajveer Kotadiya । रावण ।

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फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा को प्रि...

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नकाब By Neerja Pandey

खेत में सुबह सुबह नित्य क्रिया के लिए गया बिरजू अभी बैठा ही था की उसे जोर की बदबू आई। उसने सोचा अभी तक तो गांव से इतनी दूर कोई नही आता था। साफ जगह खोजने के चक्कर में दूर तक निकल आत...

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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शेख़ सादी By Munshi Premchand

शेख़ मुसलहुद्दीन (उपनाम सादी) का जन्म सन् 1172 ई. में शीराज़ नगर के पास एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और दादा का नाम शरफुद्दीन था। 'शेख़' इस घराने की सम्म...

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मुजाहिदा - ह़क की जंग By Chaya Agarwal

तलाक .....तलाक ......तलाक....... इन तीन अल्फ़ाजों को, बिल्कुल किसी मालिकाना हक की तरह बोल कर, उसका शौहर आरिज़ कमरें से बाहर निकल गया।
जलजले की तरह आये इन लब्जों के मायनों ने उस बैडर...

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तेरे इश्क में. By Priyanka Taank Bhati

रूही अपने कमरे में अकेली बैठी अपने पास ही रखे शादी के लाल जोड़े को देख रही थी, और मन ही मन सोच रही थी, कि जब वह राहिल से शादी कर के अपने ससुराल चली जायेगी फिर उसका जीवन कैसा होगा,...

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मृत्यु मूर्ति By Rahul Haldhar

यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है । कहानी किसी भी धर्म के देव - देवी का असम्मान नहीं करती। यह केवल एक भयानक प्लाट को दर्शाने के लिए प्रयोग किया गया है।

इस कहानी में वर्णित देवी व त...

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अंधेरा बंगला By Mansi

यह कहानी है रहीमपुर गांव में मोजूद "अंधेरा बंगला" की ,एक ऐसा बंगला जिसका नाम लेने की भी गांव के किसी लोग में नहीं थी, ना बच्चे ना बूढ़े ओर नहीं कोई जवान इस बंगले का नाम लेत...

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नफ़रत से प्यार तक कि कहानी By Nirali patel

यह कहानी नफ़रत से प्यार तक की है। जिसमें मुख्य पात्र के रूप में रिया और अजय है। और यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।

*********

“अपने आप को समझते क्या हो तुम कितनी देर से हमारे प...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... By Tripti Singh

ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है अगर इस कहानी या इसके किसी भी पात्र से आपको भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाती हैं तो मैं क्षम...

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प्रफुल्ल कथा By Prafulla Kumar Tripathi

मेरा जन्म गोरखपुर से लगभग 20 कि.मी.दूर खजनी के एक गाँव विश्वनाथपुर में को हुआ था | यह गाँव सरयूपारीण ब्राम्हणों के सुप्रसिध्ध गाँव सराय तिवारी का ही एक हिस्सा था | मेरे गाँव से लगभ...

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गरीब की इज्जत By Kishanlal Sharma

आंखे खुलते ही लाजो अपनी अवस्था को देखकर हतप्रद रह गयी।फारेस्ट अफसर जिसे वह जंगल का अफसर मानती थी।उसके बेडरूम में वह निर्वस्त्र पड़ी थी।वह पलंग पर निर्वस्त्र पड़ी थी और उसके कपड़े पलंग...

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जीवन का विज्ञान By Vedanta Life Agyat Agyani

यह ग्रंथ किसी विश्वास का प्रतिपादन नहीं करता —
यह केवल जीवन को देखने की दृष्टि है।
जो भीतर घटता है, वही बाहर फैलता है;
जो शरीर में है, वही ब्रह्मांड में।

यहाँ विज्ञान और अध्य...

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Exploring east india and Bhutan... By Arun Singla

दिल्ली: सफर की शुरुआत आज नई दिल्ली हवाई अड्डा टर्मिनल 3 से हुई । मेरे साथ मेरी हमसफर है। मेरा इरादा ईस्ट इंडिया में सिक्किम, वेस्ट बंगाल घूम कर भूटान जाने का है। मेने 3 महीने पहले...

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आत्मा - प्रेतात्मा By Rajveer Kotadiya । रावण ।

सुबह सुबह पागलो के अस्पताल के सामने ऑटो रुका रवि ने ऑटो वाले को पैसे दिये और गेट के पास जाकर गार्ड को आवाज़ दी.पर वह कोई नहीं था. इसलिय वह ख़ुद ही बस गेट खोलने ही वाला था. तभी सामन...

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आन्या का ससुराल By Riya Jaiswal

रात का समय था। यही कोई ग्यारह बज रहे होंगे। अब आन्या को सोने जाना था। उसने अपने कमरे की तरफ कदम बढ़ाए ही थे कि अचानक उसे एक आहट सुनाई दी। अंधेरा था, कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा, फिरभी...

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विरासत By Neelam Kulshreshtha

विरासत 1 - दिल से --माँ संसार के पहले स्कूल में पहला बच्चा दाखिल होने आता है। पिता की जेब में सिक्के, नाक पर दर्प है। माँ को साथ लाया गया है, क्योंकि बच्चे के स्कूल का पहला दिन है।...

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वो भूली दास्तां By Saroj Prajapati

अरे, बिट्टू कब तक सोती रहेगी। 5:00 बज गए हैं शाम के। रश्मि के घर से कई बार तेरे लिए बुलावा आ चुका है। जाना नहीं है उसके मेहंदी पर!" यह सुनते ही बिट्टू झटपट उठ बैठी। " क्या...

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वेद, पुराण, उपनिषद चमत्कार या भ्रम By Arun Singla

हम बचपन से ही ये सुनते आये हैं, की हमारे वेद पुराण अंग्रेज चुरा कर ले गये और उन्होंने हमारे वेद पुराण पड कर, नये- नये आविष्कार किए, अब कुछ लोग पूछते हैं, भाई उन्होंने किये तो हमने...

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FRIENDZONED LOVE By mystifying

ऐसे ही 5 दोस्त अपनी जिंदगी के सबसे प्यारे एहसास जी रहे है, उन्हे देख कर कोई भी कह दे की दोस्ती हो तो उनके जैसी, बिना किसी स्वार्थ के, पूरे विश्वास के साथ। जहां misunderstanding, je...

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स्वर्ण मुद्रा और बिजनेसमैन By Shakti Singh Negi

बहुत समय पहले की बात है. मेरी नई - नई शादी हुई थी. कुछ समय बाद हमें पैसे की कमी पडने बैठ गई. मेरी पत्नी ने एक छोटी सी कंपनी ज्वाइन कर ली और मैं कमाने के लिए बाहर चला गया. वहां मैंन...

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संग्राम By Munshi Premchand

अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर भी द...

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एसिड अटैक By dilip kumar

एसिड अटैक (1) ‘‘हाँ, हूँ, ठीक ही था’’ ऐसे जवाब सुन-सुन देवधर जान गये कि सेलेना उकता रही थी। देवधर ने उसे आराम करने देना ही मुनासिब समझा। थोड़ा बुरा तो लगा था देवधर को, कि उनकी बेटी...

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त्रिशा... By palvisha

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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सत्या By KAMAL KANT LAL

सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर आए और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ बीती रात उनके स...

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ड्रैकुला 10 By Mohd Siknandar

This story strated with a small state, Romania in Italy. The ruler of the state, Dracula, was blood thirsty. The country side people was panicked from his terror. He was blessed wi...

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आमची मुम्बई By Santosh Srivastav

मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्षों से मुम्बई मेरे खून में रच...

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अस्वत्थामा (हो सकता है) By Vipul Patel

अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी कार मैं चलता...

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गैंगस्टर का सनकी इश्क By Sanju

लाई हूं, एक ऐसी स्टोरी जिसमे सस्पेंस और लव है जो शुरू होता है हरिद्वार के शहर से जहाँ पर हमारी प्यारी सी वैशाली शर्मा जो की साधरण से परिवार की है ।जिसकी शादी एक ऐसे इंसान से हो जात...

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लव एंड ट्रेजडी By Urooj Khan

ये उपन्यास सिर्फ कल्पना पर आधारित है, इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नही। इसका उद्देश्य सिर्फ पाठकों का मनोरंजन करना है। इस धारावाहिक की कहानी एक अमीर घर के लड़के हंक्षित जिसके पर...

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इन्तजार एक हद तक (महामारी) By RACHNA ROY

ये कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है आशा करतीं हुं।आप सभी को अच्छा लगेगा।

हकीम पुर गांव अब पुरी तरह से कोलेरा महामारी की चपेट में आ गया था अब जो भी वहां से निकल गया तो उसकी जान बच...

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मृत्युलोक की क़िताब By Abhishek Chaturvedi

यह कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहाँ सर्दियों की शामें जल्दी उतर आती थीं और घने कोहरे में गाँव खो सा जाता था। इस गाँव में अजीबो-गरीब घटनाएँ होती रहती थीं, जिनका कोई भी कारण नहीं जा...

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राजपुरा के जंगल ...रहस्य या कोई साजिश? By Apoorva Singh

कहते है जहां शैतान होता है वहां भगवान भी होता है।अगर भगवान का अस्तित्व है तो शैतान का भी है।जीवन के इस सफ़र में कभी कुछ ऐसा हमारे सामने आकर घटित हो जाता है कि हमारे पास सहर्ष विश्व...

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महादेव... मेरी नजर से By Jaimini Brahmbhatt

"आदि है वो अंत है,आकार नहीं साक्षात्कार है वो, निराकार निर्विकार ओमकार है,वो अंत है अनादि है, जगतपिता जगत व्यापी है, जो हर कन मे बसे है हर मन मे बसें है बस हम उनसे अलग हो जाते...

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मुझसे दोस्ती करोगे By Sarvesh Saxena

"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...

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तुम ना जाने किस जहां में खो गए..... By Medha Jha

हर्ष ,हर्ष! कहां हो तुम? तुम्हें ढूंढती, तुम्हारे पीछे भागती वही मैं और अचानक सपना टूट जाता है। क्यों बार-बार देख रही हूं मैं यह सपना ? क्या संबंध है मेरा इस सपने से ? संबंध तो वा...

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कलयुग के श्रवण कुमार By संदीप सिंह (ईशू)

अभी अभी बेटे से फोन पर बात हुई थी। फोन कट चुका था।
लगभग 40 वर्ष की उषा और ऐसे ही 42-43 रही होगी माधव की उम्र। बेटे से बात कर बहुत प्रसन्न थे, होठों की मुस्कान स्पष्ट कह रही थी कि...

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