Hindi Books, Novels and Stories Free Download PDF

वो भूली दास्तां
by Saroj Prajapati

अरे, बिट्टू कब तक सोती रहेगी। 5:00 बज गए हैं शाम के। रश्मि के घर से कई बार तेरे लिए बुलावा आ चुका है। जाना नहीं है उसके मेहंदी ...

उलझन
by Amita Dubey

उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे ...

आदमी का शिकार
by Abha Yadav

        भारत से लंदन जाने वाले विमान पर ,चालक का नियंत्रण समाप्त हो गया था. सभी यात्रियों के चेहरे पर परेशानी की रेखाएं खिंच आई थीं. यात्रियों ...

गूगल बॉय
by Madhukant

गूगल बॉय (रक्तदान जागृति का किशोर उपन्यास) मधुकांत समर्पण : श्री बाँके बिहारी जी के उपासक श्री रामजी व बुआ माया देवी (बेरी वालों) को सादर समर्पित भूमिका सुबह-सुबह ...

प्राचीन खजाना और डायनासोर का बच्चा
by Kirtipalsinh Gohil

प्राचीन खजानाऔरडायनासोर का बच्चा"आज बारिश हो सकती है तो तू आज रहने दे। मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। मत जा।""नहीं पापा। आज तो जाना ही पड़ेगा। रेमो अंकल ...

एनीमल फॉर्म
by Suraj Prakash

एनीमल फॉर्म जॉर्ज ऑर्वेल अनुवाद: सूरज प्रकाश (1) ताल्लुका बाड़े यानी मैनर फॉर्म के मिस्टर जोन्स ने रात के लिए मुर्गियों के दड़बों को ताला तो लगा दिया था, ...

मासूम की बद्दुआ
by S Sinha

                                                          ...

जिंदगी मेरे घर आना
by Rashmi Ravija

दो दिनों की लगातार बारिश के बाद चैंधियाती धूप निखरी थी. सफेद कमीज और लाल स्कर्ट में सजी बच्चियों की चहचहाहट से मैंदान गूंज रहा था। नेहा को अपने ...

मीता ; एक लड़की के संघर्ष की कहानी
by Bhupendra Kuldeep

अध्याय - 1आज कॉलेज का पहला दिन था सभी प्रथम वर्ष के छात्र पहली बार बी.ए. फ़र्स्ट ईयर की कक्षा में आये थे और करीब-करीब सभी कॉलेज में नए ...

इक समंदर मेरे अंदर
by Madhu Arora

इक समंदर मेरे अंदर मधु अरोड़ा दिवंगत अम्‍मां-पिता बिमला और प्रेमचंद चतुर्वेदी की स्मृति को समर्पित अपनी बात ....उबरना स्वयं से.... मैं यह तो नहीं कहूंगी कि मैं उपन्‍यास ...

जय हिन्द की सेना
by Mahendra Bhishma

जय हिन्द की सेना महेन्द्र भीष्म एक सुबह मुँह अंधेरे अटल दा ने मुझे झकझोर कर जगा दिया। घर के सभी लोग अस्त—व्यस्त से कहीं जाने की तैयारी में ...

मिले जब हम तुम
by Komal Talati

                              part -1              शालिनी ने फोन पर बात करते हुए कहा, - " देव तुम जल्दी ...

मुखौटा
by S Bhagyam Sharma

यह उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका वासंती की लिखी हुई है। इस उपन्यास में यह बताया गया है कि हम सब अपने चेहरों को वैसे का वैसा दूसरों के सामने नहीं ...

29 Step To Success
by Wr.MESSI

29 step to Success ✍?Wr.MessiDedicate To...My wonderful family, My courage my mom, My coach Bajarang Gondaliya,The center point of my inspiration -My Dad & Uncle,My closest friends Milan, Sanjay, & Me...Thanks To ...

पूर्ण-विराम से पहले....!!!
by Pragati Gupta

पूर्ण-विराम से पहले....!!! 1 "सुभोर प्रखर! कल रात तुमने मेरे व्हाट्सप्प मैसेज को देखा.. पर तुमने कोई जवाब लिखकर नहीं भेजा| तुम मेरे किसी भी मैसेज को बगैर पढ़े-लिखे ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे
by Mirza Hafiz Baig

व्यापारी ने बूढ़े की खूब आव भगत की और कुत्ते को भी बहुत अच्छी तरह अलग कमरे मे रखा । और अपने नौकरो को उन दोनो की सेवा मे ...

गवाक्ष
by Pranava Bharti

गवाक्ष बसंत पंचमी दिनांक-12 2 2016 (नमस्कार मित्रो ! यह उपन्यास ‘गवाक्ष’ एक फ़िक्शन है जिसे फ़िल्म के लिए तैयार किया जा रहा था किन्तु इसके प्रेरणास्त्रोत 'स्व. इंद्र ...

निपुणनिका
by Saroj Verma

तुझे मना किया था ना,अपार फिर तू क्यो गया?वहां तुझे कुछ हो जाता तो, मैं इसलिए मना कर रही थी कि तू मेरे साथ मत आ,वो तो मैं समय ...

बात बस इतनी सी थी
by Dr kavita Tyagi

माता-पिता की इकलौती संतान के रूप में कुल को आबाद रखने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ढोता हुआ मैं अपने जीवन के चालीस बसंत पार कर चुका था, किंतु ...

दह--शत
by Neelam Kulshreshtha

दह--शत [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] जैसे ही नीता व अनुभा ने बड़े गेट से अंदर जाकर कालीननुमा लॉन के बीच के बने दोनों तरफ़ गमलों से सजी कतारों ...

गूंगा गाँव
by रामगोपाल तिवारी (भावुक)

                           एक              भोर होते ही चिड़ियों ने चहकना शुरू कर दिया। उनमें एक संवाद छिड़ गया था। कुछों का कहना था-‘इस गाँव का किसान बड़ा खराब ...

किरदार
by Priya Saini

माँ का सपना बस पूरा ही होने वाला था, दो दिन बाद अंजुम की शादी जो थी। माँ ने अंजुम की शादी के लिए न जाने कितने खुआब बुन ...

सुरतिया
by vandana A dubey

’नमस्ते बाउजी. कैसे हैं?’बाहर बरामदे में बैठे बाउजी यानी रामस्वरूप शर्मा जी, सुधीर के दोस्त आलोक के इस सम्बोधन और उसके पैर छूने के उपक्रम से गदगद हो गये. ’ठीक ...

खाली पन्ने
by Ruchi Dixit

शीर्षक -खाली पन्ने रूचि दीक्षित रद्दोबदलप्रकृति ने अपनी हर आकृति को इस प्रकार संयोजित किया है कि , हर बदलाव के लिए एक नियत समय निर्धारित कर दिया , फिर वो ...

महाकवि भवभूति
by रामगोपाल तिवारी

महाकवि भवभूति भारतीय साहित्य एवं संस्कृति की अमर विभूति हैं। उनका साहित्यिक अवदान न केवल एक कवि एवं नाटकार के रूप में वरन् एक महान प्रेरक के रूप में ...

हकीकत की हकीकत
by Akshay jain

हकीकत इस शब्द से महज सभी लोग पीछा छुड़ाते हैं। कोई नहीं जानना चाहता हकीकत को। सभी लोग आंखों को बंद करके जीना चाहते हैं और जीते भी हैं। ...

सच्चाई
by Asmita Madhesiya

कहानी को कहानी  उसके किरदार बनाते हैं। ठीक उसी तरह इस कहानी के किरदार भी हैं। कुछ हो ना हो इन किरदारो में आप अपने आप को जरूर तलाशेंगे।कहानी ...

दर्द ए इश्क
by Heena katariya

विकी यानी विक्रम ठाकुर अपने रहीस बाप की बिगडी हुयी ओलाद और दूसरी ओर स्तुति एक शांत लडकी पर वक्त आने पर अच्छे अच्छो को नानी याद दिला दे ...

नश्तर खामोशियों के
by Shailendra Sharma

नश्तर खामोशियों के शैलेंद्र शर्मा 1. बार-बार उमड़ आते उफान से मेरी आँखें गीली हो जाती थीं. और सच, मैं इतने दिनों बाद महसूस कर रही थी कि मैं ...

पके फलों का बाग़
by Prabodh Kumar Govil

बाग़ के फल अब पकने लगे थे। लेकिन माली भी बूढ़ा होने लगा। माली तो अब भी मज़े में था, क्योंकि बूढ़ा होने की घटना कोई एक अकेले उसी ...

यारबाज़
by Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (1) उन तमाम बेरोजगार वह कलाकार साथियों को जो अपनी मंजिल ना पा सके जिसके वे हकदार थे युवा कथाकार विक्रम सिंह ने हाल‌ के वर्षों ...

अरमान दुल्हन के
by एमके कागदाना

अरमान दुल्हन के भाग -1नई नई दुल्हन ढे़रों अरमान लिए ससुराल में आई। सोच रही थी कि माता -पिता,भाई-बहनों को छोड़ कर जा रही हूं तो क्या वहां भी ...

अपने-अपने इन्द्रधनुष
by Neerja Hemendra

आज न जाने क्यों मुझे घर के अन्दर अच्छा नही लग रहा था। बार-बार मन में उठ रही व्याकुलता व अपने आस-पास फैली उदासी से निजात पाने के लिए ...

आखा तीज का ब्याह
by Ankita Bhargava

सपनों को पूरा करने निकली वासंती अपने रिश्तों को ही खो बैठी। जब फिर से अतीत की गलियों ने उसे पुकारा तो वह अनिष्ट की आशंका से घबरा गई। ...

30 शेड्स ऑफ बेला
by Jayanti Ranganathan

बेला… तुम्हें आना ही था… (भूमिका) हुआ कुछ यूं कि पहली अप्रैल को जब डॉक्टर के क्लीनिक से दाहिने पैर पर प्लास्टर लगवा कर निकली, तो ना जाने क्यों जबरदस्त ...

शम्बूक
by ramgopal bhavuk

2 जन चर्चा में.शम्बूक अयोध्या में एक सुमत योगी नामके व्यक्ति निवास करते थे। उनके पिता जी योग साधना के अतिरिक्त पाण्डित्य कर्म में रत रहते थे। वे अष्टांग योग ...

19 जुलाई द लास्ट लैटर
by saurabh dixit manas

#19_जुलाई “#द_लास्ट_लैटर”...........#मानस#भाग-1 “सौरभ! अगर हम कभी रात में किसी जंगल से गुजरें और शेर आ जाय तो.....” टीना के रोमांटिक होकर कहते ही सौरभ उसकी आँखों में आँखें डालकर ...

अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य
by Rajnish

अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य (भाग - 1) चारों तरफ दर्शक दीर्घा को देखते हुए.... विवेक बंसल: यश! कुछ भी हो, आज भी लड़कियों के बीच में तुम्हारा जादू बरकरार ...

मेरे घर आना ज़िंदगी
by Santosh Srivastav

मेरे घर आना ज़िंदगी आत्मकथा संतोष श्रीवास्तव (1) ज़िंदगी यूँ हुई बसर तनहा काफिला साथ और सफर तनहा जो घर फूँके आपनो कबीर मेरे जीवन में रचे बसे थे। ...

कर्म पथ पर
by Ashish Kumar Trivedi

            ‌             Chapter 1सन 1942 का दौर था। सारे देश में ही अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर स्वराज लाने ...

दास्तानगो
by Priyamvad

अंतिम फ़्रांसीसी उपनिवेश के अंतिम अवशेषों पर, पूरे चाँद की रात का पहला पहर था जब यह द्घटना द्घटी। समुद्र की काली और खुरदरी चट्टानों पर चिपके केकड़े किनारे ...

Hostel Girls - Hindi
by Kamal Patadiya

प्रकरण : 1 - संघर्ष गाथाए [दृश्य 1 : रेचल from गोवा] गोवा का समुद्र तट......... शाम का वक्त है। सूरज धीरे धीरे ढल रहा है। सागर की लहरें ...

कैसा ये इश्क़ है....
by Apoorva Singh

  लखनऊ नवाबों की नगरी है मियां यहाँ के जर्रे जर्रे मे तहजीब और नजाकत बसी हुई है।यहाँ की तहजीब के किस्से इतने सुनाये जाते है तो सोचिये जनाब ...

ये कैसा संन्यास
by Neerja Pandey

कान्ता बार बार दरवाजे तक आती और घूंघट से झांक कर देखती पर दूर दूर भी कही आनंद नहीं दिखाई दे रहा था। ये इंतजार की घड़ियां बढ़ती ही ...

राम रचि राखा
by Pratap Narayan Singh

दोपहर हो चुकी थी। ध्रुव को सुलाकर मैं आफिस के लिए तैयार होने लगी थी। शान्ति खाना बना रही थी। तभी कालबेल बजा। कौन आ गया इस समय...सोचते हुए ...

सड़क पार की खिड़कियाँ
by Nidhi agrawal

ज्यों दुनिया के अधिकतर देशों में सेकंड स्ट्रीट होती है, ज्यों हर हिल स्टेशन पर मॉल रोड, वैसे ही यह एक चमचमाती नई सड़क है जो लगभग हर गाँव, ...

अनचाहा रिश्ता
by Veena

 (अब तक आपने देखा स्वप्निल और मीरा दोनों के एक दूसरे के खिलाफ इस तरह मानो किसी धागे के दो अलग-अलग सीरे, दोनों का अलग-अलग स्वभाव होने के कारण ...

छूना है आसमान
by Goodwin Masih

“छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन उसकी समझ, ...

डॉ अब्दुल कलाम की जीवनी
by Mrityunjaya Dikshit

15 अक्टूबर 1931 के तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे भारतरत्न राष्ट्रपति डॉ कलाम का पूरा नाम अबुल ज़ाकिर जैनुल आबेदीन अब्दुल कलाम था अब्दुल कलाम के जीवन पर ...

Chandragupt
by Jayshankar Prasad

चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की ...

मंटो की कहानियां
by Saadat Hasan Manto

सआदत हसन मंटो का जन्म- 11 मई, 1912 को समराला, पंजाब में हुआ था। आप कहानीकार और लेखक थे। मंटो ने फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखन व पत्रकारिता भी ...

चाणक्य
by Vinay kuma singh

इतिहास के पन्नो से… ( महान व्यक्तित्व ) भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र के पहले विचारक - चाणक्य !

छत्रपति शिवाजी
by Mrityunjaya Dikshit

छत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक और उनका कुशल नेतृत्व मृत्युंजय दीक्षित महाराष्ट्र केे ही नहीं अपितु पूरे भारत के महानायक वीर छत्रपति शिवाजी महाराज। एक अत्यंत महान कुशल योद्धा और ...

Steve Jobs
by Kamini Gupta

Inspiration we get from Steve Jobs life

चरित्रहीन
by Hanif Madaar

औरत के इंसान होने के हक़ की बात करना भी उसके चरित्रहीन होने का प्रमाण घोषित हो जाता हो उस समाज में औरत की अस्मिता से जुड़े सवाल शायद ...