आजादी - 17

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बड़ी देर तक राहुल के कानों में मोहन के कहे शब्द गुंजते रहे ‘ ………..ये क्या करना चाह रहे हैं कुछ पता नहीं चल रहा । ‘ राहुल के छोटे से दिमाग में मोहन के कहे शब्द बड़ी देर तक सरगोशी करते रहे । अचानक उसके दिमाग में एक विचार बिजली सी तेजी से कौंध गया ।जहां तक उसने इन अपराधियों के बारे में सुन रखा था इसकी वजह से वह भली भांति जानता था कि ये अपराधी किस्म के लोग कोई भी काम बेवजह नहीं करते । अब इन लोगों ने इन बच्चों को अगर पिछले पांच दिनों से