राजू घर आया तो माँ ने खाना परोसा हुआ था। “अच्छा हुआ तू आ गया, चल खाना गरम है। दोनों खाते हैं। बेटा, पहले हाथ-मुँह धो ले…” माँ ने राजू से प्यार से कहा। राजू बाहर जो अभी सब देख कर आया था, उसकी वजह से घबराया हुआ था, पर घर आकर थोड़ा शांत हो गया था। माँ को ठीक देखकर उसे अच्छा लगा। “तू ठीक है ना माँ?” “हाँ, मैं ठीक हूँ। चल अब जल्दी आ जा, खाना खाते हैं।” राजू हाथ-मुँह धोने चला गया। दोनों ने अच्छे से खाना खाया। “माँ, आज इतना सब कैसे बना लिया?” बिस्तर