शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (6)

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               शहद की गुड़िया - प्रकरण -, 6    "   दादू! कॉलेज में एक एक बार मैंने क्रिश की बाइक की चाबी छुपा दी थी. वह घंटो भर उसे और मैं मदद के बहाने उस के पास रही थी."               " उस दिन मुझे आप के साथ बिताने का वक़्त मिल गया था. क़्या वह रोमांटिक शरारत कहानी के लिये उचित हैं? "         " दादू वह सब से रोमांचक पल था. ज़ब मैंने स्कूटी को जोर से ब्रेक मारा था. और मुझ से चिपक गया था. और उस की धड़कने साफ सुनाई