Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 24 — नासूर

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उधर— सराय जल चुकी थी। आग की लपटें आसमान को छू रही थीं। अनीश बुलेटप्रूफ बस को लिए छेदीपुरा की आख़िरी गलियों से निकलकर अँधेरी सड़क पर दौड़ा जा रहा था। बस के अंदर डरी हुई लड़कियाँ सिमटी बैठी थीं। ऊपर आसमान में चारों ड्रोन उनके साथ उड़ रहे थे। — उसी समय… छेदीपुरा गाँव की दूसरी तरफ अँधेरी गलियों में डॉक्टर दीदी बाकी पाँच लड़कियों को लेकर भाग रही थी। साँसें तेज़। सबके कदम हड़बड़ाए हुए। पीछे कहीं दूर अभी भी गोलियों की आवाज़ गूँज रही थी। एक छोटी लड़की हाँफते हुए बोली— “दीदी… हमें कहाँ ले जा रही