A Page from a Dairy

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4 April 2026Sunday Dear Dairy आज दिन बहुत दर्द भरा था। वैसे तो लगभग हर दिन कुछ न कुछ अनएक्सपेक्टेड हो जाता हैं लेकिन आज कुछ अलग था।   वैसे मुझे शुरुआत कहां से करना चाहिए समझ नहीं आ रहा। बस कुछ लिखना चाहती थी मगर दिल और दिमाग पूरी तरह से साथ नहीं दे रहा। क्योंकि आज मैंने अपने एक दोस्त कि स्टोरी सुनी। सुनकर लगा कि जिंदगी हर किसी के लिए फेयर नहीं होता। पहले मैंने इसे सिर्फ सुना था आज महसूस कर लिया। सच़ में जब खुद पर गुज़रती है न तभी समझ आता है।  मुझे यह भी समझ आ रहा