सोनू एक गरीब परिवार का लड़का था। उसके पिता रिक्शा चलाते थे और माँ लोगों के घरों में काम करती थीं। घर की हालत बहुत खराब थी, लेकिन सोनू पढ़ाई में बहुत होशियार था। उसका सपना था कि वह बड़ा होकर अफसर बने और अपने माता-पिता की गरीबी दूर करे।हर दिन वह फटी हुई यूनिफॉर्म और टूटी चप्पल पहनकर स्कूल जाता था। स्कूल के कुछ बच्चे उसका मजाक उड़ाते थे।“देखो, फिर वही टूटी चप्पल वाला आ गया!”सब हँसते और सोनू चुपचाप अपनी सीट पर बैठ जाता।एक दिन स्कूल में घोषणा हुई कि अगले हफ्ते शहर में होने वाली प्रतियोगिता में