विक्री - 6

एक पल में सब कुछ बदल जाता है। यह बात मीरा ने आज तक सिद्धांत में जानी थी। अब व्यवहार में समझ आई।"लैपटॉप," अर्जुन ने कहा , एक शब्द, मुश्किल से फुसफुसाहट। मीरा पहले से उठा चुकी थी। अर्जुन ने दरवाज़े की तरफ इशारा किया , बगल की दीवार के साथ एक जगह थी, मुश्किल से दिखती, एक भंडारण कोने जैसी। दोनों उसमें घुस गए। लैपटॉप बंद किया , एलईडी भी बंद हो गई।अंधेरा।कदमों की आहट आई , नपे-तुले, पेशेवर। तीन लोग। शायद चार। मीरा ने साँस रोककर गिनने की कोशिश की।· · ·वो कमरे में आए। रुके। कोई बोला