दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड - 4

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विक्का की मौत ने शिवपुर को हिला दिया।अब ये सिर्फ गैंगवार नहीं रही थी।ये संदेश था।और संदेश साफ था—“जो भी सामने आएगा… मरेगा।”सुबह।शिवपुर के हर न्यूज चैनल पर एक ही खबर चल रही थी।“राजू भाई के बाद विक्रम यादव की भी हत्या।”“क्या शहर में नया गैंग उभर रहा है?”“पुलिस अब तक खाली हाथ।”लेकिन असली डर टीवी पर नहीं था।असल डर गलियों में था।जहाँ लोग धीरे आवाज़ में एक नया नाम बोलने लगे थे—अर्नब।पुलिस मुख्यालय।एसीपी कबीर राठौड़ टेबल पर फैली तस्वीरों को देख रहा था।राजू भाई।विक्का।दोनों की लाशें।दोनों brutal तरीके से मारे गए।कमरे में मौजूद इंस्पेक्टर बोला—“सर… ये आदमी psycho है।”कबीर