मेंरे सुनहरे गर्मी के दिन - 1

■■ मेंरे जीवन के सुनहरे गर्मी के दिन ■■️ Written by H. K. Bharadwaj________________________________________________________________________________               मनुष्य के जीवन में कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं, जो समय के अथाह प्रवाह में भी कभी धूमिल नहीं पड़तीं।            वे स्मृतियाँ वर्षों बाद भी मन के किसी कोमल कोने में दीपक की लौ की भाँति टिमटिमाती रहती हैं।                   जीवन की आपाधापी, संघर्ष और व्यस्तताओं के बीच जब कभी मन थक जाता है, तब वही स्मृतियाँ शीतल छाया बनकर आत्मा को विश्राम प्रदान करती हैं।मेरे जीवन में भी ऐसी ही कुछ स्मृतियाँ हैं—मेरे गाँव की, मेरे दादा-दादी की, उन निष्कपट मित्रों की और उन सुनहरे