कहानी- आषाढ़ पूजा 'सुनो दिव्या आज हम सब माता वाली टेकरी पर चल रहे हैं। अपने गांव के लोग आज आषाढ़ी पूजा कर रहे हैं। सो आज दिन भर हम सब वहीं रहेंगे, मिलजुल कर खाना बनाएंगे और भोग लगाकर सारे गांव के लोग माता की पूजा में नाचते गाते हुए एक दूसरे को भोजन बांट कर खाएंगे।' मां ने दिव्या को बड़े भोर ही तैयार होने का निर्देश दे दिया। विभांशु और दिव्या तो मां की बात सुनकर बहुत खुश हो गए, क्योंकि वे गांव में पहली बार बच्चों को लेकर आए थे। उनके जुड़वा बेटे टोनी और