समय का चक्र: अध्याय 1कुछ प्रेम कहानियाँ खत्म नहीं होतीं. वे समय के साथ दफन हो जाती हैं. सदियाँ बीत जाती हैं, चेहरे बदल जाते हैं, नाम बदल जाते हैं, लेकिन कुछ अधूरे वादे फिर भी अपना रास्ता ढूँढ लेते हैं.बहुत समय पहले एक छोटे- से राज्य में एक युवा विद्वान रहता था उसका नाम वेदान्त था, वह जीवन सादगी, अनुशासन और सेवा का प्रतीक था, उसका मानना था कि सच्चा ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इंसान के कर्मों और व्यवहार में भी दिखाई देता है.हर सुबह सूर्योदय से पहले वह उठता, अध्ययन करता और फिर गाँव