THE UNTOLD CHAPTER - 2

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महामारी का प्रकोप पहले की तुलना में कुछ कम होने लगा था, लेकिन उसके घाव अभी भी लोगों के जीवन में साफ दिखाई दे रहे थे. कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके थे, कई बच्चे अब भी पढाई से दूर थे और कई घरों में निराशा का माहौल था. ऐसे समय में पूरे राज्य को सबसे अधिक आवश्यकता थी - हिम्मत, एकता और सही मार्गदर्शन की.वेदान्त पहले की तरह हर सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाता. वह अपने दिन की शुरुआत प्रार्थना से करता और फिर जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निकल पडता. कभी वह बीमार परिवारों तक