हम भी बुराई करेंगे

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व्यंग्य रचना;- हम भी बुराई करेंगे ----------------------------------------   आजकल एक फैशन हो गया है ,बुराई करने का।  कोई दिक्कत नहीं । परसाई जी कहते हैं खाने के पूर्व और खाने के दो घंटे बाद प्रतिदिन निंदा रसपान से स्वास्थ्य और हाजमा सही रहता है।  परन्तु परसाई जी के समय बुराई के बड़े शास्त्रीय विषय होते थे यथा किस की लड़की किसके साथ भागी, कौन कितना रिश्वतखोर है, किसने रचना चुराकर अपने नाम से छपवाई, या राशन का गेहूं ब्लैक में बेच रिया है ,बहुत हुआ तो अमरीकी अन्न बेहद दोयम दर्जे का है, बस।  लेकिन आजकल बुराई ,इसे आलोचना जैसा