सुमन एक छोटे से गाँव (रामपुरा) में अपने माता पिता और चार साल के भाई अरुण के साथ रहती थी। सुमन दसवीं कक्षा की विद्यार्थी थी अरुण दूसरी कक्षा में पढ़ता था और दोनों बहन भाई पढ़ने में बहुत तेज थे।उसके मां बाप रात दिन मजदूरी करके दोनों भाई बहनों को पढ़ा रहे थे। सुमन का सपना था कि वह डॉक्टर बने।एक दिन वह खेत पर अपने मां पापा के साथ मवेशियों के लिए चारा काट रही थी। तभी एक अधेड़ उम्र का आदमी एक लाल कार में वहां आया और सुमन के पिता के थप्पड़ जड़ दिया।वह बोला मेरे