इश्क़ परवान

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वह कमरे में बेड पर लेटी हुई थी और बड़ी संजीदा निगाहों से दीवार पर लगी उस तस्वीर को देख रही थी।ग्राउंड फ्लोर से वाजाह ने ज़ोर से आवाज़ लगाई, “समीरा, मुझे कार की चाबी चाहिए।”उसने दोबारा आवाज़ लगाई, पर दोबारा भी कोई जवाब न आया।वह सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर आया और दो पल के लिए हैरान रह गया। उसने समीरा को कभी इतनी गौर से उस तस्वीर को देखते हुए नहीं देखा था।वाजाह कमरे में आया।  वाजाह ने बेड पर समीरा को लेटा हुआ देखकर कमरे में दाख़िल होते हुए अपनी नज़रें झुका लीं और चाबी लेने के लिए