Just A Power System - 5

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चैप्टर 5: समीर का डर। समीर के सामने हवा में तैरती हुई उस सफेद स्क्रीन पर अचानक कुछ हलचल हुई। वहां एक लोडिंग बार उभर कर सामने आ गया। उस बार के अंदर कुछ नंबर बहुत तेजी से चलने लगे। 1, 2, 3… वह नंबर लगातार आगे बढ़ रहे थे। ...50... 60... 80... 90… समीर की आंखें उन बदलते हुए नंबरों पर टिकी थीं। ...98, 99, 100. देखते ही देखते वह लोडिंग बार पूरा भर गया। स्क्रीन पर एक चमक पैदा हुई और वह नंबर वहां से गायब हो गए। तभी समीर के दिमाग में दोबारा वही आवाज गूंजी। "इंस्टालेशन कंप्लीट हुआ। होस्ट आपका स्वागत है..." वह आवाज शायद आगे कुछ और भी