एपिसोड 48: वो स्पर्श, जो अतीत तक ले गया“Welcome back, Son.”स्क्रीन पर चमक रहे इन दो शब्दों ने कमरे की हवा तक बदल दी थी।कोई कुछ नहीं बोल रहा था।आर्यवीर स्क्रीन को घूर रहा था।उसके चेहरे पर पहली बार ऐसा डर दिखाई दे रहा था, जिसे वह छुपाने की कोशिश भी नहीं कर रहा था।साँवी धीरे-धीरे उसके पास आई।“आर्यवीर…”उसने कोई जवाब नहीं दिया।साँवी ने उसका हाथ पकड़ लिया।“मेरी तरफ देखो।”आर्यवीर ने धीरे से उसकी तरफ देखा।साँवी की आँखों में डर था, लेकिन उससे ज्यादा भरोसा था।“जो भी इस फाइल में लिखा है… वो जरूरी नहीं कि सच हो।”आर्यवीर हल्का-सा मुस्कुराया।“अगर