BLAST - EPISODE 9

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हमदान मीर अपने घमंड में मुस्कुराते हुए शेख मंसूर और दिमित्री को डील की बारीकियाँ समझा रहा था। वह हाथ में पकड़ा हुआ ग्लास घुमा ही रहा था कि उसकी पैनी और शातिर नज़रें अचानक साहिर के कोट के बीच वाले हिस्से पर टिक गईं।कमरे की पीली हैलोजन लाइट की एक बारीक किरण साहिर के कोट के बटन से टकराकर अजीब तरीके से चमकी। हमदान की आँखें तुरंत सिकुड़ गईं। उसने अंडरवर्ल्ड और हथियारों की काली दुनिया में दशकों बिताए थे—वह एक ही नज़र में भांप गया कि वह कोई आम बटन नहीं, बल्कि मिलिट्री-ग्रेड पिनहोल माइक्रो-कैमरे का हाई-टेक लेंस