अनकहा सच ( भाग - 12)

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अनकहा सच___इसके बाद छुट्टियां खत्म हुई और राजू और हितेश वापस शहर की तरफ चले गए।शहर की तरफ जाने के कुछ दिनों तक सब वैसा ही चलता रहा। राजू परेशान रहा, हितेश उसे संभालता रहा। राजू की हालत देखकर हितेश भी असमंजस में रहता।एक रोज हितेश के फोन पर फोन आया। उसके पापा का अचानक से रात को इतना लेट फोन आता देख हितेश परेशान हो गया। उसने तुरंत फोन उठाया और अपने पापा से पूछा, "क्या हुआ पापा? इतनी लेट फोन क्यों किया?"उसके पापा ने कहा, "नहीं बेटा, मैं बस कुछ परेशान था तो।"हितेश ने पूछा, "परेशान किस से?"उसके