अनकहा सच_हितेश के पापा के अचानक बोलते-बोलते चुप हो जाने से राजू की घबराहट और ज्यादा बढ़ने लगती है। वह बिल्कुल चुप हो जाता है। हितेश और उसकी माँ दोनों मिलकर उन्हें संभालते हैं। राजू को भी हितेश संभालता है और अपने पापा से आगे बोलने के लिए कहता है।थोड़ा माहौल सामान्य होने और राजू को संभालने के बाद, हितेश के पापा आगे बताना शुरू करते हैं।वे कहते हैं, "फिर उस रात हम सब बहुत डर गए थे। हमें समझ नहीं आ रहा था कि हम क्या करें। फिर हमारे साथ खडे एक शख़्स ने हमसे कहा कि हम यह