बाँसुरी की धुनभाग 16 — विश्वास की अग्निपरीक्षागाँव के बीचोंबीच विशाल पीपल के पेड़ के नीचे आज असाधारण भीड़ जमा थी। स्त्री-पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी एकत्रित थे। आज का प्रश्न केवल माही द्वारा मांझी थान में अगरबत्ती दिखाने और गोबर से मोड़ोली करने का नहीं था। यह परंपरा, विश्वास और न्याय के बीच खड़े पूरे समाज का प्रश्न बन चुका था।सभा में संताली समाज के अध्यक्ष सिनाराम मुर्मू और मांझी हाड़ाम चातुर मांझी उपस्थित थे। बुधराय चाचा भी गंभीर मुद्रा में बैठे थे। गाँव के कई बुजुर्ग शांत थे, जबकि युवाओं के बीच इस विवाद को लेकर पहले से ही