यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

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                          : प्रकरण - 8 :हम लोग जिस जगह में रहते थे. उस के बाजू में एक दूसरी रूम थी जिस में उन की हयाति में नानी मा वहाँ रहती थी. उन के बाद वह जगह मौसी को मिली थी. उन्हें उस की कोई जरूरत नहीं थी. इस लिये उन्हों ने उस जगह को भाड़े पऱ चढ़ा दिया था.उस में एक परिवार रहने को आया था. उस की मुख्या ललिता बहन नाम की महिला थी. उन की पांच संताने थीमेरे पिताजी का ससुराल भी उसी रूम में ही