यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

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                          : प्रकरण 11 :प्रकाश के जन्म पहले मैं एक छोटी सी कंपनी में काम करता था. उस में कोई भविष्य नहीं था. मैं दूसरा जोब तलाश कर था. तब वहाँ एक परिचित बुजुर्ग व्यकित आती जाती रहती थी.उन की सिफारिश से मुझे ' प्रेम सन इंटरप्राइज ' में काम मिल गया था. प्रकाश के जन्म के एक महिने के भीतर ही मुझे यह जोब मिला था. मैं पहले जहाँ काम करता था, वहाँ 175 रूपये मिलते थे और प्रेम सन का जोब मैंने 150 में स्वीकार किया