: प्रकरण - 15 : घर पहुंचते ही मैंने परमेश्वर क़ो पूछा था." ठीक से घर पहुंच गये ना? "" हा! संभव भैया? और आप?? "" हम भी. "थकान तो बहुत महसूस हो रही थी लेकिन कीसी और परमेश्वर की यादों ने सारी थकान मिटा दी थी.सुबह समय पर उठकर ऑफिस जाने के तैयार हो गया था. रोज की 9-35 की गाड़ी पकड कर 10-10 के आसपास चर्च गेट स्टेशन पऱ उतरा था. और रोज की तरह कीसी का OCM बैनर के नीचे ऊस का इंतजार कर के खड़ा रह