: प्रकरण - 21 :सोमवार को मुझे मैनेजमेंट का सामना करना था. उस के लिये मैं तैयार था. मेरा कोई दोष नहीं था. राजहंस क़ी खुद क़ी बातों ने मुझे उस के खिलाफ उकसाने के लिये विवश किया था. ओफिस में पैर रखते ही प्यून ने मुझे बताया था." बड़े साहब ने आप को बुलाया हैं! और मैं पानी पीकर उन क़ी केबिन तक गया था. दरवाजा खोलकर पूछा था :" May I come in sir? "" प्लीझ! कम!! "और मैं दरवाजा खोलकर केबिन में दाखिल हुआ था. वहाँ मालिक