बांसुरी की धुन भाग :-१९

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बाँसुरी की धुनभाग 19 — अंतर्मन का द्वंद्वगाँव की बैठक समाप्त हो चुकी थी। लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे थे। लेकिन बैठक में लिए गए निर्णय की गूँज अभी भी पूरे गाँव में सुनाई दे रही थी।संथाल समाज के अध्यक्ष सिनाराम मुर्मू कुछ देर तक माँझी थान के पास बैठे रहे। उनके चेहरे पर गंभीरता थी। आज की बैठक ने उनके अंतर्मन में अनेक प्रश्न खड़े कर दिए थे।उन्होंने अपने जीवन में न जाने कितनी पंचायतें की थीं। कितनी सामाजिक बैठकें आयोजित की थीं और कितने विवादों का निपटारा किया था।कभी पति-पत्नी के झगड़े, कभी शराब पीकर